बरहामपुर फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने एक नाबालिग से रेप करने, उसको गंभीर रूप से घायल करने और आखिर में गला घोंटकर उसकी हत्या की कोशिश करने के आरोपी को मौत की सजा सुनाई है.
कोर्ट ने गुरुवार को पीड़ित को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. पुलिस ने इस मामले में कुल 13 गवाहों के साथ चार्जशीट दाखिल की थी.
मामले की सुनवाई के बाद बरहामपुर फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय के न्यायाधीश ने मामले को विरल मामला मानते हुए पोलसरा थाना कांड संख्या 417/21-11-21 में भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2), (एफ), 376(ए)(बी) के तहत आरोपी को मौत की सजा सुनाई.
इस बारे में उड़ीसा हाई कोर्ट को जानकारी दे दी गई है. यह केस बरहमपुर के फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक शिवप्रसाद मिश्रा देख रहे थे. यह घटना 20 नवंबर 2021 को गंजाम जिले के पोलसारा पुलिस स्टेशन इलाके में हुई.
जब नाबालिग अपने चाचा के घर गई थी, तो 30 साल के आरोपी केशव नाहक ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर पास के नदी किनारे जंगल में ले जाकर उसके साथ रेप किया.
नाबालिग के मदद के लिए चिल्लाने पर आरोपी केशव नाहक ने नाबालिग को बुरी तरह घायल कर दिया और आखिर में उसका गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की. हालांकि, नाबालिग के बेहोश हो जाने के बाद आरोपी उसे मरा हुआ समझकर मौके से भाग गया. बाद में, जब वह पास के खेल के मैदान से कुछ बच्चों के साथ खेलकर लौट रहा था, तो उसने बच्ची को बेहोश हालत में देखा और उस पर पानी फेंक दिया.
इस बीच, परिवार नाबालिग लड़की को ढूंढ रहा था और खबर मिलने के बाद, उसे पहले पोलसारा सीएचसी हेल्थ सेंटर और फिर बरहामपुर एमकेसीजी मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया.
नाबालिग लड़की का इलाज बरहामपुर मेडिकल सेंटर के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के आईसीयू में किया गया. उस समय तत्कालीन पुलिस स्टेशन ऑफिसर जितेंद्र कुमार मल्लिक ने आईसीयू में नाबालिग लड़की का बयान दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और वह फिलहाल अंडरट्रायल कैदी के तौर पर जेल में है.

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