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JP Associates गई अदाणी के हाथों में, लेकिन इसकी और कितनी कंपनियां दिवालिया होकर बिकने को तैयार; देखें लिस्टJP Associates has fallen into Adani's hands—but how many more of its companies are on the verge of bankruptcy and ready to be sold? See the list.


कभी उत्तर भारत में जयप्रकाश गौड़ का सिक्का चलता था। एक सरकारी इंजीनियर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाले गौड़ ने व्यापार में खूब नाम कमाया। सीमेंट, पावर, रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर तक में JP Associates का दबदबा था। इसे बनाने वाले जयप्रकाश गौड़ धीरे-धीरे लाइमलाइट से दूर हो गए। दूर इसलिए कि उनकी कंपनियां दिवालिया होकर बिक चुकी है। जेपी एसोसिएट्स की कई सब्सिडियरी कंपनियां भी हैं, जिनमें से कई बिकने की कगार पर खड़ी हैं और कई बिक चुकी है। लेकिन प्रमुख कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट लिमिटेड अब गौतम अदाणी की हो गई है। 17 मार्च को NCLT ने इसकी मौखिक मंजूरी दी।


जयप्रकाश की जितनी भी सब्सिडियरी में उसकी जितनी हिस्सेदारी है अब वह सब अदाणी ग्रुप के अंडर आ जाएगी। अदाणी ग्रुप ही जेपी ग्रुप की पैरेंट कंपनी को चलाएगी। लेकिन सवाल यह है कि आखिर जयप्रकाश एसोसिएट्स की कितनी सब्सिडियरी कंपनी हैं, कितनी बिक चुकी हैं और कितनी बिकने को तैयार हैं? आइए सब कुछ जानते हैं

जयप्रकाश एसोसिएट्स की कितनी सब्सिडियरी है?

जयप्रकाश एसोसिएट्स की वेबसाइट पर सहायक कंपनियों की जानकारी दी गई है। वेबसाइट के अनुसार इस ग्रुप की लगभग 20 सहायक कंपनियां है और कुछ सहायक कंपनियों के अंदर भी सब्सिडियरी हैं। हमने उसकी लिस्ट नीचे दी है।


Jaypee Infratech Limited (JIL)

Bhilai Jaypee Cement Limited (BJCL)

Himalayan Expressway Ltd. (HEL)

Gujarat Jaypee Cement & Infrastructure Limited (GJCIL)

Jaypee Ganga Infrastructure Corporation Limited (JGICL)

Jaypee Agra Vikas Ltd. (JAVL)

Jaypee Fertilizers & Industries Limited (JFIL)

Jaypee Cement Corporation Limited (JCCL)

Himalyaputra Aviation Limited (HAL)

Jaypee Assam Cement Limited (JACL)

Jaypee Infrastructure Development Limited (JIDL) {formerly known as Jaypee Cement Cricket (India) Limited (JCCIL)}

Jaypee Healthcare Limited (JHL)

Jaypee Cement Hockey (India) Limited (JCHIL)

Jaiprakash Agri Initiatives Company Limited (JAICO)

Yamuna Expressway Tolling Limited (YETL)[ Originally incorporated as Jaypee Mining Venture Private Limited(JMVPL)]

Kanpur Fertilizers & Chemicals Limited(KFCL)]

Jaypee Uttar Bharat Vikas Private Limited (JUBVPL)

East India Energy Private Limited

Jaiprakash Power Ventures Limited (JPVL)

जयप्रकाश एसोसिएट्स की स्टेप डाउन सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्ट

जयप्रकाश एसोसिएट्स की कुछ स्टेप डाउन सब्सिडियरी भी हैं। स्टेप डाउन सब्सिडियरी का मतलब होता है कि ऐसी कंपनी जिसे पेरेंट कंपनी सीधे तौर पर कंट्रोल नहीं करती, बल्कि कोई दूसरी सब्सिडियरी कंट्रोल करती है। इसे अक्सर "सब्सिडियरी की सब्सिडियरी" या "ग्रैंडचाइल्ड कंपनी" कहा जाता है। यह जटिल कॉर्पोरेट स्ट्रक्चरिंग की सुविधा देता है, जिसमें एक पेरेंट (A) के पास एक सब्सिडियरी (B) का मालिकाना हक होता है, और फिर उस सब्सिडियरी(B) के पास स्टेप-डाउन सब्सिडियरी (C) का मालिकाना हक होता है।

Jaiprakash Power Ventures Limited (JPVL)

Jaypee Arunachal Power Limited (JAPL) [Subsidiary of JPVL]

Sangam Power Generation Co. Ltd. (SPGCL) [Subsidiary of JPVL]

Jaypee Meghalaya Power Limited (JMPL) [Subsidiary of JPVL]

Bina Power Supply Limited (BPSL) [Subsidiary of JPVL]

JP Associates की कितनी कंपनियां होकर बिक चुकीं?

JP Associates की कई कंपनियां दिवालियां होकर बिक चुकी हैं। सबसे पहले यह खुद यानी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड खुद ही दिवालिया होकर बिक चुकी है। इसे अदाणी ग्रुप ने खरीद लिया है। NCLT ने 17 मार्च 2026 को अदाणी ग्रुप के जेपी एसोसिएट्स को खरीदने की अंतिम मंजूरी दी। इसकी कम से कम 3 कंपनियां बिक चुकी हैं। इसमें प्रमुख कंपनी, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल), और उसकी सहायक कंपनियों, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) बिक चुकी हैं।

जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) ने अपनी ज्यादातर संपत्तियां बेच दी हैं- जिनमें बड़े सीमेंट प्लांट UltraTech (2017) और Dalmia Bharat (2022) को, और पनबिजली प्रोजेक्ट JSW Energy (2015) को बेचे गए हैं।

JP Associates की कितनी कंपनियां बिकने को हैं तैयार?

इसकी कुछ कंपनियां बिकने को तैयार हैं जैसे- JP Power और Bhilai Jaypee Cement Limited। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की सहायक कंपनी, भिलाई जेपी सीमेंट लिमिटेड (BJCL) के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही अक्टूबर 2025 में शुरू की थी। यह प्रोसेस में है। NCLT की कटक बेंच ने एक ऑपरेशनल क्रेडिटर की याचिका स्वीकार कर ली है, जिसमें कोयले की सप्लाई के लिए लगभग ₹45 करोड़ (450 मिलियन) के बकाया भुगतान में चूक का मामला उठाया गया था।

इसके अलावा जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JP Power) को इस समय NARCL द्वारा 2026 की शुरुआत में दायर एक दिवालियापन याचिका का सामना करना पड़ रहा है।

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