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षड्यंत्र और कब्जे से व्यथित महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद बोले- जान का खतरा है, चारधाम आश्रम छोड़ने पर विचार कर रहा हूंDistressed by conspiracy and encroachment, Mahamandaleshwar Swami Shantiswarupanand stated: "My life is in danger; I am considering leaving the Char Dham Ashram."

 

जो लोग मेरे खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं, वे मेरी हत्या भी करवा सकते हैं। यह शब्द हैं श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर, चारधाम पीठाधीश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरिजी महाराज ने अपने साथ हुए षड्यंत्र का दर्द बयां करते हुए भावुक हो उठे।

उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्र के बाद वह चारधाम आश्रम छोड़ने पर निर्णय लेंगे। उन्होंने बताया कि यह आश्रम वीरान पड़ा था जब उन्होंने इसकी बागडोर संभाली थी। भागवत कथा में मिलने वाली भेंट और भोजन की दक्षिणा तक आश्रम निर्माण में लगा दी।


फूल खरीदने को भी बिल पास कराना पड़ता है

ट्रस्ट बनाते समय छल-कपट से दूर रहते हुए अपने गुरु स्वामी परमानंदजी महाराज को अध्यक्ष रखा और स्वयं कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम करते रहे। लेकिन आज उसी आश्रम में पूजा के लिए फूल खरीदने को भी उन्हें बिल पास कराना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि आज मेरे पास इतने रुपये भी नहीं बचे कि यहां से अलग होकर अपनी झोपड़ी बनाने के लिए जमीन भी खरीद सकूं।

दुष्कर्म के षड्यंत्र की आरोपित साध्वी मंदाकिनी और घनश्याम अब भी फरार

दुष्कर्म के षड्यंत्र की आरोपित साध्वी मंदाकिनी और घनश्याम पटेल अब भी फरार हैं। पांच दिन बाद भी पुलिस उनका पता नहीं लगा पाई है, जबकि आरोपित साध्वी दो दिन पहले एक वीडियो जारी कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि दोनों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

यह है पूरा मामला

चारधाम आश्रम के मानसिंगा यात्रीगृह संचालन को लेकर महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंदजी और घनश्याम पटेल के बीच विवाद हुआ जो गुरु स्वामी परमानंदजी तक पहुंचा। इसी का फायदा उठाते हुए गुरुभाई ने नया ट्रस्ट गठित कर आश्रम का नियंत्रण छीन लिया।

इसके बाद साध्वी मंदाकिनी और घनश्याम पटेल पर महामंडलेश्वर के चारित्रिक पतन का षड्यंत्र रचने का आरोप लगा और पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। पांच दिन बाद भी दोनों आरोपित फरार हैं। अब शांतिस्वरूपानंदजी जान के खतरे का हवाला देते हुए चैत्र नवरात्र के बाद आश्रम छोड़ने पर निर्णय लेंगे।

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