इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन, पारदर्शिता एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण के विज़न के अनुरूप, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में इंदौर आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2026–27 की ई-टेंडर प्रक्रिया में उल्लेखनीय सफलता दर्ज की गई है।
अब तक संपन्न प्रथम से अष्टम चरण में *कुल 59 समूहों की 173 दुकानों में से 47 समूहों की 156 दुकानों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका* है, जिनसे लगभग *₹2001.92 करोड़ का उच्चतम राजस्व प्राप्त हुआ है।*
*इन समूहों के लिए निर्धारित कुल आरक्षित मूल्य ₹1844.11 करोड़ के विरुद्ध यह राशि लगभग ₹157.80 करोड़ अधिक है, जो कि लगभग 8.56% वृद्धि* को दर्शाती है।
वहीं, *वर्ष 2025–26 के परिगणित वार्षिक मूल्य ₹1536.76 करोड़ की तुलना में यह वृद्धि लगभग ₹465.15 करोड़ (लगभग 30.27%) अधिक है।*
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा निर्धारित लगभग 20% राजस्व वृद्धि के लक्ष्य के विरुद्ध इंदौर जिले द्वारा प्राप्त 30% से अधिक वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की नीतियाँ एवं विज़न जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप इंदौर जिला पूरे मध्यप्रदेश में राजस्व वृद्धि के मामले में शीर्ष स्थान पर रहा है|
पुनर्गठित समूहों में रिकॉर्ड वृद्धि
🔹 विभागीय विश्लेषण के अनुसार, पुनर्गठित समूहों में यथावत समूहों की तुलना में अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है, जो कलेक्टर के संरचनात्मक सुधार एवं संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के विज़न की सफलता को दर्शाता है।
🔹 विशेष रूप से शीर्ष 5 समूहों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई—
▪️ स्कीम नं. 54 समूह: ₹134.95 करोड़ के विरुद्ध ₹153.33 करोड़
▪️ एम.आई.जी. समूह: ₹98.03 करोड़ के विरुद्ध ₹111.11 करोड़
▪️ एम.आर.-9 समूह: ₹130.09 करोड़ के विरुद्ध ₹150.20 करोड़
▪️ चंद्रगुप्त चौराहा (एम.आर.-10): ₹99.38 करोड़ के विरुद्ध ₹113.57 करोड़
▪️ मांगलिया समूह: ₹41.94 करोड़ के विरुद्ध ₹52.83 करोड़
🔹 इन शीर्ष 5 समूहों में वर्ष 2025–26 के कुल ₹427.34 करोड़ के विरुद्ध वर्ष 2026–27 में ₹581.05 करोड़ का ऑफर प्राप्त हुआ, जिससे लगभग ₹153 करोड़ (36%) की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
विभागीय विश्लेषण के अनुसार, ई-टेंडर प्रक्रिया के दौरान अन्य कई समूहों में 30% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रतिस्पर्धात्मक भागीदारी का स्पष्ट संकेत है।
वर्तमान में शेष 05 समूहों की 17 दुकानों (आरक्षित मूल्य ₹258.31 करोड़) के निष्पादन हेतु आगामी कार्यवाही प्रचलन में है।
पारदर्शी ई-टेंडरिंग, सतत मॉनिटरिंग एवं प्रभावी रणनीति के माध्यम से इंदौर आबकारी विभाग, मुख्यमंत्री के सुशासन एवं राजस्व वृद्धि के विज़न को साकार करते हुए प्रदेश में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है।
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