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अफसरों की सरकार से गद्दारी, करोड़ो के राजस्व हानि, दूसरी तरफ सरकार लगातार लोन ले रही हैOfficers betray the government, causing revenue loss worth crores, while on the other hand, the government is continuously taking loans.

 

फर्जी परमिट बना कर डिस्टलरी से अरबों की शराब तस्करी दिखाई

अभिजीत अग्रवाल आबकारी कमिश्नर ने दिनांक 04/02/2026 को आदेश

क्रमांक/5(4)/2025-26/ई-398575 जारी करके सोम डिस्टलरीज प्रा लि और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लि के सभी लायसेंस निलंबित कर दिए है, इस आदेश में स्पष्ट रूप से यह उल्लेखित किया गया है कि किस आरोपी व्यक्ति ने कितने कूटरचित (फर्जी) परमिट बना कर,

डिस्टलरीज को आर्थिक फायदा पहुंचाने और शासन को राजस्व की हानि पहुंचाने के लिए डिस्टलरीज से दीव शराब की तस्करी की है...

आबकारी अफसरों की सरकार से गद्दारी और धोखा हजारों फर्जी परमिट से, सोम डिस्टलरीज के मालिकों ने, आबकारी अफसरों की आपराधिक सांठ से, सरकार को अरबों रुपयों के राजस्व का चूना लगाया है। इसमें जिन आबकारी अफसरों की जिम्मेदारी थी कि वो इस फर्जीवाड़े से करोड़ो लीटर शराब की जा रही शराब तस्करी को रोकते, वो आबकारी अफसर ही इसमें शामिल हो गए और सरकार से गद्दारी करके, सोम डिस्टलरीज के मालिकों को अरबों रुपयों का आर्थिक लाभपहुंचाते रहे।


वर्ष 2011 से अब तक आबकारी कमिश्नर ने जांच ही नहीं करवाई

आबकारी कमिश्नर और उपायुक्त भोपाल ने जिम्मेदारी और सरकार के प्रति वफादारी नहीं निभाई, वर्ना अब तक सोम डिस्टलरीज से हजारों फर्जी परमिट से की गई शराब तस्करी की जांच करके यह आंकलन कर लिया जाता

कि कुल कितनी राशि की, कितनी मात्रा में डिस्टलरीज से शराब की तस्करी की गई और शासन को कितने अरब के राजस्व की हानि पहुंचाई गई है, अर्थात खेल में बड़ा खेल कर लिया गया है, अगर नहीं किया है तो अब भी तत्काल जांच की जाए।

साबित है ये क्यों पड़े -

बनाए और दीव शराब तस्करी आबकारी कमिश्नर ने अपने आदेश में लिखा है कि सोम डिस्टलरीज से शराब तस्करी करने के लिए आबकारी अधिकारियों, कर्मचारियों ने लगभग 02 हजार फर्जी परमिट की, जिससे डिस्टलरीज को लाभ हुआ और शासन को राजस्व हानि हुई।

आदेश में साफ लिखा किसने कितने फर्जी परमिट बनाए-

सोम डिस्टलरीज के समस्त लायसेंस निलंबन आदेश दिनांक 04/02/2026 में आबकारी आयुक्त के द्वारा यह साफ लिखा है कि किस आबकारी अधिकारी/कर्मचारी ने कितनी संख्या में फर्जी परमिट बनाए है जो लगभग 1711 होते है वो भी परमिट संख्या के अनुसार परमिट बुक के रूप में जोड़े तो अधिक होंगे।

अरबों की शराब तस्करी, डिस्टलरीज पर अफसरों का कैसा नियंत्रण ?

इतने फर्जी परमिट से, कितने अरब रुपयों की, कितने करोड़ लीटर शराब का अवैध निर्माण किया गया और तस्करी की गई है, ये अब तक आबकारी विभाग के (ना) काबिल अफसरों ने नहीं जांचा है, ना ही बेटमा में पकड़ी गई मात्रा से इसका आंकलन किया है!!!? बेटमा में पकड़ी गई शराब की मात्रा और राशि से फर्जी परमिट की संख्या के अनुसार गणना करना चाहिए और

सोम के मालिकों से भी लिखित में पूछना चाहिए कि आप ही बताओ आपने कितनी मात्रा में शराब की तस्करी की है।

सरकार लगातार लोन ले रही है-

एक तरफ सरकार लगातार लोन ले रही है वहीं दूसरी तरफ सरकार के अफसर इस तरह करोड़ो के राजस्व का चूना सरकार को लगा रहे है। अगर सरकार घोटाले, भ्रष्टाचार, टेक्स चोरी, और सभी डिस्टलरीज से तस्करी रोक दे तो सरकार को लोन लेने की आवश्यकता नहीं पड़े। इस एक उदाहरण से समझा जा चाहिए

इस मामले में उच्च स्तर पर शिकायत

उपर्युक्त मांग को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत हुई है, अब देखना ये है कि वर्ष 2023 के बारहवें महीने में हुई सजा पर और वर्ष 2011 में दर्ज हुए अपराध पर, वर्ष 2026 में लायसेंस निलंबित करने वाले आबकारी कमिश्नर, शासन के हित में कब तक इस मांग पर निर्णय ले पाते है या इस मामले को लेकर डील की संभावना को उत्पन्न करेंगे?

लायसेंस निरस्त किए जाए -

सोम के लायसेंस निलंबन की बजाए स्थाई रूप से निरस्त ही किए जाने चाहिए यह भी मांग उठी है।

आबकारी कमिश्नर अभिजीत अग्रवाल के द्वारा सोम डिस्टलरीज के लायसेंस निलंबन आदेश में साफ लिखा है कि - ' अनेकोनेक फर्जी परमिट बुक कूटरचित करने का अवैध कार्य अवैध साधनों से करने के लिए आपराधिक षड़यंत्र बनाकर कूट रचित परमिट से छल करने के

सकता है कि अन्य सभी मिल कर कितने अरबों के राजस्व की हानि शासन को पहुंचा रहे होंगे। सूत्र बताते है कि जमीनों, बिल्डिंगों, मॉल, ठेका, परिवहन और कथित कंपनियों ने इसी तरह के भ्रष्टाचार का अरबों रुपया लगा हुआ है। आंकलन करके वसूली की जाए 

इस अनुसार देखे तो कितनी मात्रा में शराब तस्करी करके, कितने अरबों के राजस्व की हानि, सोम के मालिकों और इस अपराध में शामिल आबकारी अफसरों ने शासन को पहुंचाई है, इसका भी आंकलन किया जाना चाहिए और उतनी राशि की वसूली दोषियों, जिम्मेदारों से की जाना चाहिए। जिस तरह अवैध खनन में आंकलन किया जा कर भारी अर्थ दंड सहित राशि की वसूली निकाली जाती है वैसे ही इस मामले में तकनीकी रूप से गणना करके, अर्थ दंड सहित राजस्व वसूली की राशि निकाली जाना

आशय से कूटरचना की गई'। जब पता चल गया, फिर जांच क्यों नहीं की ?

अब सवाल यह उठता है कि आबकारी आयुक्त सहित अब तक पदस्थ रहे भोपाल उपायुक्त को यह पता चल गया था कि हजारों फर्जी परमिट से दीव शराब तस्करी की गई है तो फिर अब तक आबकारी आयुक्त और आबकारी उपायुक्त भोपाल यशवंत धनौरा ने इसकी जांच क्यों नहीं की? क्या सभी अपना अपना हिस्सा लेकर चुप बैठ गए? और शासन से गद्दारी करके शासन को राजस्व हानि पहुंचाने की धोखाधडी में शामिल हो गए ? अन्यथा फर्जी परमिटों की संख्या सामने आने के बाद से अब तक

फर्जी परमिटों से की गई शराब तस्करी की मात्रा का और राशि का आंकलन क्यों नहीं किया गया है ? लगातार फर्जीवाड़े, टेक्स चोरी, अमानवीयता -

प्रदूषण फैलाने पर भी सोम डिस्टलरीज सील की गई थी। बाल आयोग, सेंट्रल जीएसटी, सेबी भी कर चुका है कार्यवाही।

इन आरोपियों ने इतनी संख्या में फर्जी परमिट बनाए और दीव शराब तस्करी की-

लायसेंस निलंबन आदेश में लिखा है

आबकारी कमिश्नर के आदेश में साफ लिखा है कि आरोपी मदन सिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, वीरेंद्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे द्वारा 282, कैलाश बंगाली ने 29, मोहनसिंह तोमर ने 676, उमाशंकर ने 75 और दिनकरसिंह ने 65 फर्जी परमिट की कूटरचना छलकारित करने के लिए कूटरचित दस्तावेज से स्वयं को अथवा मैसर्स सोम डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड को संदोष लाभपहुंचाने के लिए तथा शासन को संदोष हानिकारित करने के लिए कूटरचित परमिट और बिल्टी से मैसर्स सोम डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड, रोजरचक से दीव को परिवहन किया। 

प्रीति गायकवाड़ की वर्ष 2025 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, हाईकोर्ट ने प्रीति की याचिका भी खारिज कर दी थी। अब रिटायर्ड हो चुके तीन आबकारी अधिकारियों, कर्मचारियों की पेंशन रोकने अर्थात विभागीय कार्यवाही का प्रस्ताव आबकारी आयुक्त ने शासन को भेजा है अर्थात शासन से गद्दारी करके, धोखा देने और प्री प्लान अपराधिक साजिश रच करके करोड़ो के राजस्व का चूना लगाने वालों की समय ही समय दिया जा रहा है.... वर्ष 2023 में सजा और वर्ष 2026 में भी कार्यवाही पूर्ण नहीं कर सके है.... पढ़ते रहें, हम जगाते रहेंगे, भले आप सोते रहें, जिस दिन नींद उड़ेगी, आंखे हमेशा के लिए खुली रह जाएंगी... इसलिए जागते रहें..

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