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3 पत्नियां, धर्म परिवर्तन और कंगाली का नर्क!3 wives, conversion and the hell of poverty!

 

 गाजियाबाद सुसाइड केस में पिता की ''काली कुंडली'' ने सबको चौंकाया, क्या रसूख की भूख ले गई 3 बेटियों की जान?


शालीमार गार्डन इलाके में तीन सगी बहनों की आत्महत्या के मामले में पुलिस अब बच्चियों के पिता चेतन कुमार के अतीत के पन्ने पलट रही है। पुलिस की जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने इस सामूहिक आत्महत्या को एक गहरी साजिश और पारिवारिक कलह की ओर मोड़ दिया है।

तीन पत्नियां और पेचीदा रिश्तेपुलिस जांच में पता चला है कि चेतन कुमार अपनी तीन पत्नियों के साथ एक ही सोसाइटी (भारत सिटी) में रहता था। उसके रिश्तों का जाल बेहद उलझा हुआ है:- पहली पत्नी (सुजाता): सुजाता से चेतन की एक बेटी और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है।- दूसरी पत्नी (हीना): हैरान करने वाली बात यह है कि हीना, सुजाता की सगी बहन है। हीना से चेतन की दो बेटियां थीं।- तीसरी पत्नी (टीना): चेतन की तीसरी पत्नी महज 22 साल की है। पुलिस के मुताबिक, टीना पहले मुस्लिम थी, जिसने 2023 में शादी से पहले धर्म परिवर्तन किया था।

रईसी से कंगाली तक का सफरबैंक खातों की जांच से पता चला है कि चेतन पिछले 12 सालों में कई तरह के बिजनेस कर चुका है। एक वक्त था जब वह लग्जरी गाड़ियों में घूमता था और उसका रसूख था, लेकिन अब वह पूरी तरह कंगाल हो चुका है। - किराया देने के पैसे नहीं: जिस फ्लैट में वह अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ रह रहा था, वहां का किराया पिछले 3 महीनों से नहीं दिया गया था।- बयानों में विरोधाभास: चेतन ने बच्चों की उम्र और शादियों के जो साल बताए हैं, पुलिस को उनमें भारी अंतर मिला है, जिससे उसकी पूरी टाइमलाइन संदिग्ध लग रही है।

हर्ष फायरिंग और जेल का कनेक्शनचेतन का इतिहास अपराधों से भी जुड़ा रहा है। वह पहले हर्ष फायरिंग के मामले में जेल की हवा खा चुका है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या उसके इसी आपराधिक रिकॉर्ड, आर्थिक तंगी या घरेलू कलह ने बच्चियों को मौत के गले लगाने पर मजबूर किया।

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