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सर्दियों की सुस्ती छोड़ अब जागेंगे पौधे: फरवरी-मार्च में अपनाएं ये गार्डनिंग टिप्स, साल भर रहेंगे हरे-भरेShaking off their winter dormancy, plants will now awaken: Follow these gardening tips in February-March to keep them lush and green all year round.

 सर्दी की विदाई और वसंत के आगमन के साथ हवा में घुली गर्माहट मौसम के बदलते मिजाज की गवाही दे रही है। दिन में तेज धूप और रात की हल्की सिहरन का यह उतार-चढ़ाव न केवल इंसानी सेहत बल्कि घर के बगीचे और बालकनी में लगे पौधों के लिए भी नाजुक समय है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान पौधों की देखभाल में की गई जरा सी चूक उनकी सेहत बिगाड़ सकती है, जबकि थोड़ी-सी समझदारी उन्हें साल भर की ग्रोथ के लिए तैयार कर सकती है।


ग्रोथ का सबसे महत्वपूर्ण समय

फरवरी और मार्च का यह समय पौधों के लिए रिवाइवल पीरियड होता है। कड़ाके की ठंड के बाद पौधे अब सुशुप्तावस्था से बाहर आते हैं। इसी समय नई कोपलें और कलियां निकलती हैं। यदि इस दौरान पौधों को सही पोषण और वातावरण न मिले, तो पूरे साल की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।

खाद और पोषण का सही गणित

बदलते मौसम में पौधों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। गमलों की ऊपरी मिट्टी की गुड़ाई करना जरूरी है, ताकि जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंच सके। इस समय रासायनिक खाद के बजाय वर्मी कंपोस्ट, नीम खली या पुरानी गोबर की खाद देना बेहतर रहता है, जो लंबे समय तक पोषण देती है।

पानी देने का बदलें नियम

सर्दियों में दो-तीन दिन छोड़कर पानी दिया जाता था, लेकिन अब हवा में शुष्कता बढ़ गई है। गमले की मिट्टी को छूकर जांचें, सूखी होने पर ही पानी दें। सुबह जल्दी या सूर्यास्त के बाद पानी देना सही रहता है। दोपहर की तेज धूप में पानी देने से जड़ें शॉक में जा सकती हैं।

कटाई-छंटाई है जरूरी

सर्दियों की ओस और पाले से कई पौधों की पत्तियां पीली पड़कर सूख जाती हैं। ऐसी सूखी टहनियों और पत्तियों को हटा देना चाहिए, ताकि पौधे की ऊर्जा व्यर्थ न जाए और नई शाखाएं निकल सकें।

धूप से बचाव

मार्च आते-आते धूप तेज हो जाती है। नाजुक पौधों, जैसे इंडोर प्लांट्स या फर्न, को सीधी धूप से हटाकर हल्की छाया वाली जगह पर रखना चाहिए। बदलते मौसम में पौधों को थोड़ा वक्त और देखभाल देने से वे घर को सुंदर बनाने के साथ वातावरण को भी शुद्ध रखते हैं।

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