भारतीय स्टार्टअप जगत के युवाओं से एआइ के बारे में बात की। उन्होंने कहा, ''यह एक यादगार और ज्ञानवर्धक बातचीत थी, जिसमें उन्होंने अपना विजन और काम साझा किया कि भारत कैसे एआइ की दुनिया को बदल रहा है। यह सराहनीय है कि ये स्टार्टअप ई-कामर्स, मार्के¨टग, इंजीनिय¨रग सिमुलेशन, मटीरियल रिसर्च, हेल्थकेयर, मेडिकल रिसर्च और कई अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।''
मोदी ने कहा, उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि सामाजिक भलाई के लिए एआइ का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। साथ ही एआइ पर काम करने वाले सभी लोगों को सरकार का समर्थन दोहराया ताकि हम 'मेड इन इंडिया, मेड फार द वर्ल्ड' की भावना को मजबूत कर सकें।बैठक के दौरान मोदी ने समाज में बदलाव लाने के लिए एआइ के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत अगले महीने इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट की मेजबानी करेगा, जिसके जरिये देश तकनीकी क्षेत्र में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत एआइ का इस्तेमाल करके बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है और देश में नवाचार व बड़े पैमाने पर उसे क्रियान्वित करने की अपार क्षमता है। भारत को दुनिया के सामने एक विशिष्ट एआई मॉडल पेश करना चाहिए जो 'मेड इन इंडिया, मेड फार द वर्ल्ड' की भावना को दर्शाता हो।
बैठक में एआइ स्टार्टअप्स ने देश में एआइ ईकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता की तारीफ की। उन्होंने एआइ क्षेत्र की तेज वृद्धि व भविष्य की अपार संभावनाओं पर जोर दिया और कहा कि एआइ नवाचार व उसके फैलाव का केंद्र अब भारत की ओर शिफ्ट हो रहा है। भारत अब एआइ के विकास के लिए मजबूत और अनुकूल माहौल दे रहा है, जिससे देश वैश्विक एआइ मानचित्र पर मजबूती से अपनी जगह बना रहा है।
बैठक में जिन स्टार्टअप्स के प्रमुख एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया उनमें अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, जेन, जेनलूप, ग्यानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सोकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेंटेइक शामिल थे। साथ ही केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्यमंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद थे।

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