फाइनेंस कंपनी के नाम पर शहर में फ्राड नहीं रूक रहा है। एक बार फिर शहर में ऐसी ही एक कंपनी की ओर से किए गए फ्राड का मामला सामने आया है, जिसने आठ हजार लोगों से 39 करोड़ रुपये जमा करवा लिए। इसके एवज में व्यक्तिगत नाम से जमीनें खरीद ली।
चार से अधिक लोग ऐसे हैं जिनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई इस कंपनी के जाल में फंस चुकी है। यह मामला शनिवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के कैंप कार्यालय में चल रही जनसुनवाई में सामने आया। इसके बाद कमिश्नर सीधे कंपनी के कार्यालय में पहुंचे और पूरे प्रकरण की जानकारी ली।यह कंपनी 25 माह में रुपये दोगुने करने का लालच देती है। अब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी चल रही है।शनिवार को जनसुनवाई में सात लोगों ने कमिश्नर से शिकायत की। उन्होंने जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड पर पैसा नहीं लौटाने की शिकायत की।कमिश्नर ने कंपनी के सीईओ बिमल रावत को तलब कर लिया। वह कंपनी के घाटे में होने की जानकारी दी और कंपनी की बैलेंस शीट आदि नहीं दिखा सके। शक होने पर कमिश्नर सीधे डहारिया स्थित सत्यलोक कालोनी स्थित कंपनी के कार्यालय में धमक गए।
पूछताछ में पता चला कि लोगों ने कर्जा लेकर पांच से आठ लाख रुपये तक कंपनी में निवेश किया है। कंपनी के सीईओ के एक खाते में 40 हजार तो दूसरे में 50 हजार रुपये ही थे। मौके पर कंपनी के सीईओ किसी भी तरह के दस्तावेज नहीं दिखा सके।
इस पर कमिश्नर ने मल्टीलेवल मार्केटिंग, पिरामिड स्कीम्स, कंपनी एक्ट के उल्लंघन, कंपनी के स्थान पर पर्सनल एसेट्स बनाने के साथ ही पीड़ित व्यक्तियों की शिकायतों के आधार पर सीईओ पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, वित्त नियंत्रक सूर्य प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।
निवेश के नाम पर खरीद ली निजी भूमि, कर्मचारियों को नहीं देता था वेतनकमिश्नर की पूछताछ में पता चला कि कंपनी 2023 में बनी थी। शुरुआत सीईओ ने लोगों से कराए गए निवेश की राशि से हल्द्वानी के दो अलग-अलग स्थानों में व्यक्तिगत रूप से भूमि खरीदी है।कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें वेतन नहीं मिलता था। लोगों से पैसा जमा करवाने पर केवल इंसेंटिव ही मिलता था। कंपनी ने वेबसाइट भी बनाई थी, जिसमें लोग अपने जमा धन को देख सकते थे। कमिश्नर ने सीईओ सभी का पैसा लौटाने के निर्देश दिए हैं।बेटी की शादी के लिए रखे थे पैसे, अब मुसीबत में फंसेएक शिकायतकर्ता ने कहा कि बेटी की शादी के लिए पांच लाख रुपये रखे थे।
अपने स्वजन से भी पैसे उधार में लिए थे। 25 दिन में दोगुने करने की बात कही गई थी, लेकिन अब मूलधन भी नहीं लौटा रहे हैं। पैसा नहीं मिलने पर वह परेशान हैं। इसकी शिकायत पहले भी पुलिस को दी गई थी।अवैध तरीके से रेता भंडारण करने पर होगी कार्रवाईकुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने जनसुनवाई के दौरान बेरीपड़ाव में रेता भंडारण को लेकर मनमानी की शिकायत भी पहुंची थी। इस पर कमिश्नर ने संबंधित भंडारण स्थल पर ओवरलोडिंग, सीसीटीवी कैमरा तथा चाहरदीवारी न होने की शिकायत पर खान अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कमिश्नर ने कहा कि शहर में जिन क्षेत्रों में अवैध तरीके से स्टाक हो रहा है। उन्हें सीज किया जाए और उचित कार्रवाई भी हो।

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