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24 घंटे में 10 मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती10 patients were admitted to the medical college in 24 hours.

 

एटा । जिले में बदलते मौसम का असर अब सीधे लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। सुबह और शाम की गलन भरी सर्दी, जबकि दिन में निकल रही तेज धूप ने तापमान का संतुलन बिगाड़ दिया है। इसी उतार-चढ़ाव का नतीजा है कि पिछले 24 घंटों में हार्ट अटैक से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सांस लेने में तकलीफ के 10 मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा है। डॉक्टरों ने हृदय और श्वसन रोगियों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी है।


मौसम के बदले मिजाज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह और शाम ठंडी हवाएं लोगों को कंपकंपी महसूस करा रही हैं, वहीं दोपहर में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिलती है। लेकिन यही राहत शाम होते-होते परेशानी में बदल जाती है। दिन और रात के तापमान में लगातार अंतर पड़ने से शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ रहा है, जिसका सीधा असर हृदय और सांस संबंधी बीमारियों पर पड़ रहा है।

बीते 24 घंटों में जिले में दो बुजुर्गों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मुहल्ला डाक बगलिया निवासी 70 वर्षीय राघवेंद्र सिंह की बुधवार सुबह करीब 11 बजे सीने में दर्द और घबराहट के बाद तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं निधौली कलां निवासी 70 वर्षीय चंदन को सुबह साढ़े दस बजे हृदयाघात होने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाया गया, लेकिन जांच के बाद उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया। मृतक के भतीजे प्रेम किशोर ने बताया कि सीने में दर्द के साथ सांस लेने में भी तकलीफ बढ़ गई थी।

इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न और घबराहट की शिकायत लेकर 10 मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इनमें 30 वर्षीय कीर्ति देवी, 85 वर्षीय राम कुमारी, मनोज कुमारी, मनीष कुमार, 65 वर्षीय रामदुलारी, बृज बिहारी लाल, वर्षा देवी, 65 वर्षीय रामपाल सिंह, 50 वर्षीय रामबेटी और 72 वर्षीय नरेंद्र सिंह शामिल हैं। इनमें अधिकांश मरीज बुजुर्ग हैं, हालांकि कुछ मध्यम आयु वर्ग के लोग भी प्रभावित हुए हैं।

मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि अचानक ठंड और हल्की गर्मी के बदलाव से ब्लड प्रेशर असंतुलित हो जाता है, जिससे हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही ठंडी हवा और प्रदूषण के कारण सांस की नलियों में संकुचन होता है, जिससे अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों के मरीजों को अधिक परेशानी होती है।

डॉक्टरों के अनुसार सुबह-शाम की ठंडी हवा शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है। वहीं दोपहर की धूप में निकलने के बाद अचानक शाम को ठंड लगने से शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है। इसका सीधा असर दिल और फेफड़ों पर पड़ता है। ऐसे में हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि लोग सुबह-शाम गर्म कपड़े जरूर पहनें, ठंडी हवा से बचें और अचानक मौसम परिवर्तन में बाहर निकलने से परहेज करें। बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग नियमित दवाएं लेते रहें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

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