Top News

भारतीय नौसेना को दिया पोर्ट, पश्चिम एशिया में सबसे वफादार मुस्लिम दोस्त, वहीं जा रहे पीएम मोदीPort given to Indian Navy, most loyal Muslim friend in West Asia, PM Modi is going there

 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते ओमान यात्रा पर जा रहे हैं। पीएम मोदी की यह ओमान यात्रा कई मायनों में बहुत ही खास है। ओमान पश्चिम एशिया में भारत का सबसे पुराना और वफादार रणनीतिक सहयोगी है। भारत-ओमान संबंधों की जानकारी रखने वालों के अनुसार यह देश तेल से भरे इस क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख आर्थिक सहयोगी भी है। हाल के दिनों में भारत और ओमान के बीच जिस तरह से रक्षा सहयोग में मजबूती आई है और द्विपक्षीय व्यापार को पंख लगे हैं, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा की अहमियत और ज्यादा बढ़ गई है।


अगले हफ्ते ओमान जा रहे पीएम मोदी

ET की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों देशों के द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने के मौके पर ओमान जा रहे हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में और ज्यादा मजबूती आने की संभावना है, क्योंकि ओमान भारत का पश्चिम एशिया में सबसे पुराना और भरोसेमंद रणनीतिक साझीदार भी है और प्रमुख आर्थिक सहयोगी भी। करीब दो साल (दिसंबर 2023 में) पहले ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक भी अपनी पहली राजकीय यात्रा पर भारत आए थे।

पश्चिम एशिया तक भारतीय नौसेना को दी पहुंच

ओमान पश्चिम एशिया में भारत का सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगी है। यह ऐसा अकेला मुस्लिम मुल्क है, जो 1971 में पाकिस्तान के साथ जंग में भी भारत के समर्थन में डटकर खड़ा रह चुका है। हाल के वर्षों में दोनों देशों में मजबूत होते रक्षा संबंधों ने रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को एक और मजबूत आधार प्रदान किया है। एक अधिकारी ने बताया है कि ओमान खाड़ी का पहला देश है, जिसके साथ मिलकर भारत की तीनों सेनाओं ने संयुक्त अभ्यास किया है। दोनों देशों के रक्षा संबंधों में निकटता का ही प्रमाण है कि ओमान ने हिंद महासागर में अपने दकम पोर्ट तक भारतीय नौसेना की पहुंच सुलभ करवाकर पश्चिम एशिया में भारत को बहुत बड़ी ताकत उपलब्ध करवाई है।

मुस्लिम मुल्कों में भारत का मजबूत समर्थक

आज की स्थिति ये है कि भारतीय मूल के ओमानी नागरिकों का वहां महत्वपूर्ण जगहों पर बहुत ज्यादा दबदबा बन चुका है। ओमान एक ऐसा मुस्लिम देश है, जिसने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) तक में भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का लगातार और मजबूती के साथ समर्थन किया है।भारत-ओमान में संबंध और बेहतर होने के आसार

पीएम मोदी की ओमान यात्रा को लेकर जानकारों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच प्रस्तावित कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट का रास्ता साफ होगा और द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के लिए भी और मजबूत आधार तैयार होगा। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास की फैक्ट शीट के मुताबिक भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार जो 2023-24 में 8.95 बिलियन डॉलर था, वह 2024-25 में बढ़कर 10.61 बिलियन डॉलर पहुंच गया।

Post a Comment

Previous Post Next Post