Top News

मुंबई हमले के दौरान आतंकी कसाब से लोहा लेने वाले इस IPS को बनाया जा सकता है महाराष्ट्र का नया डीजीपीThis IPS officer, who confronted terrorist Kasab during the Mumbai attacks, could be appointed as the new Director General of Police of Maharashtra.

 महाराष्ट्र को जल्द ही नया डीजीपी मिल सकता है। 1990 बैच के महाराष्ट्र  कैडर के आईपीएस सदानंद दाते को प्रदेश का नया डीजीपी बनाया जा सकता है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को उनके पद से हटाकर तत्काल प्रभाव से महाराष्ट्र कैडर में वापस भेजने का फैसला किया है। यह निर्णय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर मंजूर किया है। इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 22 दिसंबर 2025 को आधिकारिक आदेश जारी किया है।


अब महाराष्ट्र में काम संभालेंगे दाते

सदानंद वसंत दाते 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और महाराष्ट्र कैडर से ताल्लुक रखते हैं। आदेश के तहत अब वे एनआईए के महानिदेशक पद पर नहीं रहेंगे और अपने मूल कैडर में कार्यभार संभालेंगे। इस फैसले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय,गृह मंत्रालय, कैबिनेट सचिवालय और महाराष्ट्र सरकार को दे दी गई है। 

मुंबई हमले के दौरान आतंकियों से लिया था लोहा

सीनियर पुलिस अधिकारी सदानंद दाते 26/11 मुंबई आतंकी हमले में कामा अस्पताल में आतंकियों अजमल कसाब और अबू इस्माईल से आमने सामने की मुठभेड़ किये और अस्पताल कर्मियों और मरीजों की जान बचाई।। हालांकि इसमें दोनों आतंकी बच निकले थे। जानकारी के मुताबिक, 26 नवंबर, 2008 को रात करीब 9:30 बजे मुंबई में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि आतंकी हमला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हुआ था, लेकिन दाते ज़रा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। मालाबार हिल स्थित अपने घर से वह CST रेलवे स्टेशन की ओर भागे।

रास्ते में वह एक पुलिस स्टेशन पर रुके खुद को एक कार्बाइन से लैस किया और छह पुलिसकर्मियों को अपने साथ ले लिया। उन्हें पता चला कि आतंकवादी कामा और अल्बलेस अस्पताल की ओर बढ़ गए हैं, जो महिलाओं और बच्चों का अस्पताल था। संभावित बंधक जैसी स्थिति को देखते हुए दांते अपनी टीम को सीधे अस्पताल परिसर में ले गए। उन्होंने जल्द ही हमलावरों को छत से फायरिंग करते देखा और जवाबी फायरिंग की।

कई लोगों की बचाई थी जान

अस्पताल की इमारत में घुसने की कोशिश करते समय दाते कसाब द्वारा फेंके गए एक ग्रेनेड के धमाके की चपेट में आ गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रेनेड सिर्फ तीन फीट दूर फटा था। इस धमाके में सब-इंस्पेक्टर प्रकाश मोरे की मौत हो गई। दाते और तीन अन्य अधिकारी घायल हो गए। अपने घावों के बावजूद, उन्होंने वहीं रहने का फैसला किया और अपने घायल साथियों को मेडिकल मदद लेने का निर्देश दिया। उन्होंने 40 मिनट तक मोर्चा संभाले रखा। दांते ने आतंकवादियों को अस्पताल में और हमले करने से रोक दिया और लोगों की जान बचाई थी। 

Post a Comment

Previous Post Next Post