Top News

BMC चुनाव में साथ दिखेंगे ठाकरे ब्रदर्स, ढाई घंटे की बैठक में पक्का हुआ गठबंधन; सीटों का विवाद भी सुलझाThe Thackeray brothers will be seen together in the BMC elections; the alliance was finalized in a two-and-a-half-hour meeting, and the seat-sharing dispute was also resolved.

 मुंबई: मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की सियासत में जारी हलचल ने एक नया मोड़ ले लिया है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच गठबंधन की राह लगभग साफ हो गई है। उद्धव ठाकरे के निवास स्थान मातोश्री पर दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक करीब ढाई घंटे तक चली।


मराठी बहुल सीटों का सुलझा विवाद

सूत्रों के अनुसार, यह बैठक सकारात्मक रही। मराठी बहुल इलाकों में जिन सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद था, उस विवाद को हल कर लिया गया है।  दादर, शिवडी, वरली और मुलुंड के मराठी बहुल इलाके के सीटों को लेकर दोनों दलों में विवाद था। दोनों दलों में सभी सीटों के बंटवारे पर लगभग सहमति बन गई है। जल्द उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त प्रेस कांफ्रेस होगी, जिसमें गठबंधन का ऐलान किया जाएगा। एनसीपी (शरद पवार) को भी गठबंधन में लेने के लिए बातचीत चल रही है।बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 की घोषणा हो चुकी है।  मुंबई और अन्य 28 नगर निगमों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और अगले ही दिन यानी 16 जनवरी को परिणाम घोषित किए जाएंगे। यानी 16 जनवरी को यह साफ हो जाएगा कि देश की सबसे अमीर नगर निकाय की सत्ता किसके हाथ में होगी। निर्वाचन आयोग ने पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से ही नामांकन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने 1 जुलाई 2025 तक अपडेट की गई नई मतदाता सूची को आधार बनाया है, जिसमें मुंबई के लगभग 1.03 करोड़ मतदाता शामिल हैं।

सीटों का नया गणित, आरक्षण

इस बार बीएमसी का रणक्षेत्र पहले से बड़ा होगा। वार्डों के नए सीमांकन के बाद अब पार्षदों की कुल संख्या 227 से बढ़ाकर 236 कर दी गई है। बहुमत का जादुई आंकड़ा पाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 119 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। इस चुनाव में महिला शक्ति का भी बड़ा प्रभाव दिखेगा, क्योंकि कुल 236 सीटों में से 127 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह आरक्षण नीति कई मौजूदा दिग्गजों के समीकरण बिगाड़ सकती है, क्योंकि कई वार्डों की प्रोफाइल पूरी तरह बदल गए हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post