Top News

इंदौर में दूषित पानी से डेढ़ सौ बीमार, 40 मरीज अस्पतालों में, 3 लोगों की मौत से दहशतIn Indore, 150 people have fallen ill due to contaminated water, 40 patients are in hospitals, and the deaths of 3 people have caused panic.

 

शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी ने बड़ी संख्या में लोगों को बीमार कर दिया. गंदा पानी पीने से इलाके के डेढ़ से ज्यादा लोग बीमार हैं. सोमवार को 40 से अधिक लोगों को शहर के 7 से 8 अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा. वहीं, इस दौरान 3 लोगों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मरीजों का अस्पतालों में फ्री इलाज करने के निर्देश दिए हैं.


सोमवार रात नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मरीजों का हालचाल जाना. साथ ही सीएमएचओ से उनकी सेहत को लेकर चर्चा की. ये इलाका विजयवर्गीय की विधानसभा सीट में ही आता है.

से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के विधानसभा क्रमांक एक में गुरुवार से लोग नलों में गंदे पानी आने की शिकायत कर रहे थे. इस बीच शनिवार को लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. इसके बाद 40 से अधिक लोग सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे. मंगलवार को भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार होने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की गई और पानी के सैंपल लिए गए.

इसी दौरान भागीरथपुरा की बोरासी गली निवासी उर्मिला यादव की उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद चोइथराम अस्पताल मौत हो गई. उर्मिला यादव को शनिवार को ही चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

भागीरथपुरा में 25 डॉक्टरों की टीम तैनात

इसके अलावा नंदराम पाल नामक एक अन्य बुजुर्ग की वर्मा नर्सिंग होम में मौत हो गई. एक अन्य महिला सीमा पति गौरी शंकर प्रजापत निवासी भगीरथपुरा की भी उल्टी-दस्त के कारण अस्पताल ले जाते हुए मौत की खबर है. हालांकि, अभी स्वास्थ्य विभाग ने दो लोगों की मौत की ही पुष्टि की है. सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के मुताबिक 50 से 60 हजार जनसंख्या वाले भागीरथपुरा क्षेत्र में 25 डॉक्टरों की टीम तैनात की है, जो घर-घर जाकर मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही हैं.

सीएमएचओ ने माना- बीमारी की वजह दूषित पानी

सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया "1100 घरों में ओआरएस, क्लोरीन और जिंक की गोली वितरित की गई हैं. अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि भागीरथपुरा के किसी भी मरीज से इलाज का शुल्क नहीं लिया जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी का फ्री इलाज के निर्देश दिए हैं. फिलहाल शहर के करीब आधा दर्जन अस्पतालों में 40 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, जिनकी बीमारी का कारण कॉन्टैमिनेटेड वॉटर दूषित जल की आशंका है."

सीएमचओ का कहना है "किसी भी अस्पताल से डायरिया से मौत की सूचना नहीं है. जिन 3 लोगों की मौत बताई जा रही है, उनके अलग-अलग कारण हैं." इसके अलावा उन्होंने फूड प्वाइजनिंग या डायरिया की आशंका से इनकार किया है.

मंत्री विजयवर्गीय ने मरीजों का हाल जाना

इंदौर की विधानसभा सीट क्रमांक एक के भागीरथपुरा क्षेत्र में लोग एक सप्ताह से गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत कर रहे थे. 3-4 दिन से कई लोगों को पेटदर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई. स्थिति बिगड़ने पर शहर के 7 अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करना पड़ा. मंत्री विजयवर्गीय ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ अस्पताल का दौरा किया. साथ ही अगले 2 दिन में गंदे पानी की जांच कर क्षेत्र में बोरिंग के पानी की सप्लाई के आदेश दिए.

भागीरथपुरा में लोगों का कहना है कि पानी पीने के बाद दर्जनों लोग तबियत बिगड़ने पर निजी अस्पतालों में भर्ती हुए हैं. कई लोगों का घरों में उपचार जारी है. वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया "भागीरथपुरा में गंदा पानी कैसे आया और लोग क्यों बीमार हो रहे हैं, ये जांच का विषय है. फिलहाल सबका उपचार प्राथमिकता है. आगे से ऐसी घटना ना हो, इस पर काम करेंगे. लाइन के लीकेज की समस्या हो सकती है, इसकी जांच हो रही है. पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है."

Post a Comment

Previous Post Next Post