मैहर में मां शारदा के दर्शन करने पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस के विरोध पर तीखा सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि जब चुनाव आयोग मतदाता सूची को दुरुस्त करने, फर्जी और डुप्लीकेट नामों की पहचान करने तथा मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नामों का सत्यापन करने की प्रक्रिया चला रहा है, तो कांग्रेस इसका विरोध आखिर क्यों कर रही है और किसके इशारे पर कर रही है?
खंडेलवाल ने कांग्रेस के विरोध की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ऐसे में सूची के सत्यापन की प्रक्रिया को राजनीतिक विरोध का मुद्दा बनाने के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि वास्तविक मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित कैसे रहेंगे। उनका सवाल सीधे कांग्रेस की उस रणनीति पर है, जिसके तहत पार्टी SIR को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रही है।
दरअसल, SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची से जुड़े कई सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली में भी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।
ऐसे माहौल में खंडेलवाल का सवाल महज प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से यह जवाब मांगने की कोशिश की है कि मतदाता सूची के सत्यापन का विरोध किस राजनीतिक आधार पर किया जा रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस SIR को लेकर अपने अलग सवाल और आपत्तियां सार्वजनिक कर रही है।
मैहर में मां शारदा के दर्शन के दौरान सामने आए इस बयान ने मध्य प्रदेश में SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

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