फिटनेस और हेल्थ के दौर में ब्लैक कॉफी पीने का चलन तेजी से बढ़ा है। कई लोग इसे बिना दूध और चीनी के सिर्फ पानी में तैयार करके पीते हैं और मानते हैं कि यही कॉफी पीने का सबसे हेल्दी तरीका है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कॉफी में दूध मिला दिया जाए तो क्या उसके फायदे कम हो जाते हैं या शरीर को किसी तरह का नुकसान हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मात्रा में कॉफी पीना ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए सुरक्षित माना जाता है। कॉफी में मौजूद कैफीन सतर्कता बढ़ाने और थकान कम महसूस कराने में मदद कर सकता है। वहीं, दूध मिलाने से कॉफी के कैफीन की मात्रा अपने आप खतरनाक नहीं हो जाती। दूध में प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भी होते हैं।
हालांकि, समस्या कॉफी में दूध डालने से ज्यादा उसकी कुल मात्रा, चीनी और व्यक्ति की व्यक्तिगत सहनशीलता से जुड़ी हो सकती है। ज्यादा कैफीन लेने से बेचैनी, नींद में परेशानी, दिल की धड़कन तेज होना या एसिडिटी जैसी शिकायतें हो सकती हैं। वहीं ज्यादा चीनी और क्रीम वाली कॉफी कैलोरी बढ़ा सकती है।
कुछ लोगों को दूध से लैक्टोज इनटॉलरेंस या पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। ऐसे लोगों को दूध वाली कॉफी पीने पर पेट फूलना या असहजता महसूस हो सकती है।
इसलिए ब्लैक कॉफी को ही एकमात्र हेल्दी विकल्प मानना जरूरी नहीं है। बिना ज्यादा चीनी और सीमित मात्रा में दूध वाली कॉफी भी संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकती है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।

Post a Comment