मुंहासे यानी एक्ने एक आम त्वचा समस्या है, लेकिन इसके पीछे सिर्फ ऑयली स्किन या हार्मोन जिम्मेदार नहीं होते। तनाव भी कुछ लोगों में एक्ने को बढ़ाने वाला कारक हो सकता है। खासकर लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के जरिए त्वचा को प्रभावित कर सकता है।
तनाव के दौरान शरीर में कॉर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इसका असर त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स और सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है। नतीजे में त्वचा ज्यादा तेल बना सकती है, जिससे पोर्स बंद होने और पहले से मौजूद एक्ने के बढ़ने की संभावना रहती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति में स्ट्रेस सीधे पिंपल का कारण बनेगा। एक्ने के पीछे आनुवंशिकता, हार्मोन, त्वचा में तेल का उत्पादन, मृत कोशिकाओं का जमा होना, कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद और लाइफस्टाइल जैसे कई कारण शामिल हो सकते हैं।
तनाव के दौरान नींद पूरी न होना, खान-पान में बदलाव या बार-बार चेहरे को छूने जैसी आदतें भी समस्या को बढ़ा सकती हैं। इसलिए सिर्फ पिंपल पर क्रीम लगाने के बजाय तनाव और नींद जैसी दिनचर्या पर भी ध्यान देना जरूरी है।
अगर एक्ने लगातार बढ़ रहे हैं, दर्दनाक हैं या चेहरे पर दाग पड़ रहे हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। खुद से दवाएं या तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से बचें।

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