निशियो (जापान)। एशियाई खेलों 2026 में भारतीय मुक्केबाजी ने 2 अक्टूबर को इतिहास रचते हुए एक ही दिन तीन स्वर्ण पदक जीतकर गोल्डन हैट्रिक पूरी कर ली। लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा के बाद अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में दक्षिण कोरिया के किम मिनसॉन्ग को 4-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इससे पहले लवलीना ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियाई को 5-0 से हराकर स्वर्ण जीता था। इसके बाद परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को कड़े मुकाबले में 3-2 से मात दी।
अंकुश की जीत के साथ भारतीय मुक्केबाजी का एशियाई खेलों में अभियान छह पदकों के साथ समाप्त हुआ। इनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। कांस्य पदक जीतने वालों में प्रिया घंघास, कपिल पोखरिया और नरेंद्र बेरवाल शामिल हैं।
भारतीय मुक्केबाजों का यह प्रदर्शन पिछले एशियाई खेलों की तुलना में बेहतर रहा, जहां भारत ने चार पदक जीते थे। 2010 के ग्वांगझू एशियाई खेलों में भारत ने मुक्केबाजी में नौ पदक हासिल किए थे, जो अब भी उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

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