लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। प्रतापगढ़ से सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस की 150 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग को सीधे खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस को 50 से ज्यादा सीटें नहीं मांगनी चाहिए और इतने में ही संतुष्ट रहना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर बातचीत अभी शुरू भी नहीं हुई है।
पटेल ने 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में सपा ने 37 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को छह सीटों पर जीत मिली थी। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस की ये छह सीटें भी नहीं आतीं। हालांकि, यह सपा सांसद का राजनीतिक दावा है, जिसे स्वतंत्र रूप से तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
कांग्रेस की ओर से प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने हाल में कहा था कि पार्टी गठबंधन की स्थिति में 150 से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है। इसी मांग पर पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीटों का बंटवारा दलों की चुनावी ताकत और संगठनात्मक स्थिति को देखते हुए होना चाहिए।
मामला केवल सीटों तक सीमित नहीं है। पटेल ने कहा कि सपा-कांग्रेस गठबंधन कायम रहना चाहिए, लेकिन साथ ही कांग्रेस को अपनी मांग सीमित रखनी होगी। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने पटेल के बयान पर आपत्ति जताते हुए सपा से ऐसे बयानों पर रोक लगाने की मांग की है।
यूपी की 403 विधानसभा सीटों के लिए सीट शेयरिंग पर औपचारिक बातचीत अभी बाकी है, लेकिन शुरुआती बयान ही बता रहे हैं कि गठबंधन के भीतर हिस्सेदारी का सवाल आसान नहीं रहने वाला।

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