तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को कथित उगाही और धमकी के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। न्यायमूर्ति कौशिक चंद की एकल पीठ ने फिलहाल उनके खिलाफ गिरफ्तारी समेत किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई है। अदालत ने हालांकि साफ किया कि आजाद को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
मामला मई 2025 का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता कारोबारी का आरोप है कि उसे दुर्गापुर स्थित आजाद के बंगले पर बुलाया गया, जहां उनके एक सहयोगी ने कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर उसके कुकिंग गैस कारोबार को बंद कराने की धमकी देने का भी आरोप है। कारोबारी ने बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है।
आजाद ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि घटना वाले दिन वे दुर्गापुर में मौजूद नहीं थे और इसके समर्थन में अदालत में अपनी हवाई यात्रा से जुड़े दस्तावेज पेश किए हैं। उनके वकील ने यह भी सवाल उठाया कि कथित घटना के करीब 15 महीने बाद FIR क्यों दर्ज की गई और रकम दिए जाने का कोई प्रमाण नहीं है।
अदालत ने आजाद को 22 सितंबर को CID के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। आगे पूछताछ की जरूरत पड़ने पर एजेंसी को कम से कम सात दिन का नोटिस देना होगा। मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होगी।

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