नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत कई प्रमुख लोगों को नोटिस मिलने के बाद SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे ‘फ्रेंकनस्टीन मॉन्स्टर’ बताते हुए कहा कि जिस प्रक्रिया को वोट चोरी का औजार बताया जा रहा था, वह अब उसी पक्ष से जुड़े लोगों को भी अपने घेरे में ले रही है।
दिल्ली SIR में करीब 33.13 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां मिलने के बाद नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी, एस. जयशंकर, जगदीप धनखड़, मनीष सिसोदिया और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर मामलों में 2002 की पिछली SIR सूची से रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने या विवरण में अंतर सामने आने के कारण नोटिस भेजे गए हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का अर्थ मतदाता सूची से नाम हटाना नहीं है। संबंधित मतदाता को दस्तावेज देकर अपना रिकॉर्ड सत्यापित कराने का अवसर मिलेगा। अंतिम सूची 4 नवंबर को जारी होनी है।

Post a Comment