भोपाल। लाल परेड मैदान में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने भारत की प्रगति को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक और वैश्विक ताकत बढ़े, लेकिन उसका लाभ केवल भारत तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी मानवता को मिले। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है।
होसबोले ने अपने संबोधन का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक भेदभाव के मुद्दे पर केंद्रित रखा। उन्होंने कहा कि जन्म या जाति के आधार पर भेदभाव हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है। जाति के नाम पर दुर्व्यवहार और छुआछूत को उन्होंने समाज के लिए कलंक बताते हुए इसे खत्म करने का संकल्प लेने की अपील की। उनके मुताबिक केवल कानून या भाषण से बदलाव नहीं आएगा, बल्कि इसकी शुरुआत लोगों को अपने घर और व्यवहार से करनी होगी।
सामाजिक एकता का उदाहरण देते हुए उन्होंने भगवान राम और शबरी के प्रसंग का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र के आधार पर दूरी समाज को कमजोर करती है।
कार्यक्रम में समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण और संकट के समय सामूहिक भागीदारी पर भी जोर दिया गया। होसबोले ने कहा कि भारत की प्रगति का अर्थ तभी सार्थक है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसके अवसर और लाभ पहुंचें।

Post a Comment