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MP में युवा वोट की नई जंग: भागवत-नितिन नवीन से राहुल तक, 19 सितंबर को आमने-सामने होगी सियासत



भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश की सियासत में अगले चार दिन युवाओं के नाम रहने वाले हैं। 17-18 सितंबर को संघ प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रमों के बाद 19 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंदौर पहुंचेंगे। इसी दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में 7,500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी योजना का लाभ देंगे। घटनाओं का यह क्रम महज संयोग है या 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं के बीच जमीन मजबूत करने की शुरुआती कवायद—यह सवाल अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा में है।


राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सीधे संवाद के तौर पर पेश किया जा रहा है। कांग्रेस इसे युवाओं की आवाज को मंच देने की कोशिश बता रही है। कार्यक्रम को लेकर बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन का दावा भी सामने आया है।


दूसरी तरफ भाजपा का फोकस संगठन और वैचारिक संपर्क के साथ युवा वर्ग तक पहुंच बनाने पर है। भागवत का उज्जैन प्रवास और युवा धर्म संसद में संवाद तथा नितिन नवीन के मालवा दौरे को इसी व्यापक राजनीतिक गतिविधि के संदर्भ में देखा जा रहा है।


सरकार की तरफ से ई-स्कूटी योजना का संदेश अलग है—मेहनत और मेरिट को प्रोत्साहन। 19 सितंबर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 2025-26 के पात्र 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ दिए जाने की जानकारी है। योजना के तहत अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिलने और करीब 246 करोड़ रुपये खर्च होने की रिपोर्ट है।


लेकिन असली मुकाबला स्कूटी, भाषण या बड़े नेताओं के दौरों से आगे है। मध्यप्रदेश का युवा रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, फीस, शिक्षा की गुणवत्ता, पेपर लीक, कौशल और भविष्य की सुरक्षा पर जवाब चाहता है। युवा वोट को साधने के लिए कौन उसकी समस्याएं सुनता है और कौन उनका समाधान देता है—2028 की राजनीति में यही सबसे बड़ा सवाल बनने वाला है।

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