बौद्धिक प्रतिकार | नई दिल्ली
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की जांच के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की पहली बैठक आज, 18 सितंबर को नई दिल्ली में होगी। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी समिति के सामने प्रस्तावित संशोधनों की जानकारी और विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर प्रस्तुति देंगे।
इस 31 सदस्यीय समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य हैं। भाजपा सांसद संजय जायसवाल समिति के अध्यक्ष हैं। संसद ने विधेयक को विस्तृत जांच के लिए JPC के पास भेजा था। समिति को विधेयक पर विचार कर शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट लोकसभा को सौंपनी है।
बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में राज्यसभा सांसद जावेद अली खान और जेम्स पांगसांग कोंगल संगमा भी शामिल होंगे। दोनों को लोकसभा अध्यक्ष ने विशेष आमंत्रित के तौर पर नामित किया है।
विधेयक FCRA, 2010 में संशोधन से जुड़ा है, जो भारत में विदेशी अंशदान प्राप्त करने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करता है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित बदलाव विदेशी फंड के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के उद्देश्य से हैं। दूसरी ओर, विधेयक के कुछ प्रावधानों को लेकर विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने आपत्तियां उठाई हैं।
आज की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि JPC की आगे की कार्यवाही में विशेषज्ञों, संगठनों और अन्य हितधारकों से राय लेने की प्रक्रिया तय हो सकती है। समिति की जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट के आधार पर विधेयक पर संसद में आगे की कार्रवाई होगी।

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