हैदराबाद । पूर्व आयकर आयुक्त जीवनलाल लाविडिया और उनकी पत्नी तथा पूर्व CISF DIG शिप्रा श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार 2022 से 2025 के बीच लाविडिया की ज्ञात आय की तुलना में करीब 1.11 करोड़ रुपये यानी 57.10 प्रतिशत अधिक संपत्ति जुटाए जाने का आरोप है
।
मामला केवल कागजों पर दर्ज संपत्ति के अंतर तक सीमित नहीं है। CBI की पिछली कार्रवाई में 9 मई 2025 को की गई तलाशी के दौरान करीब 54 लाख रुपये नकद और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद संपत्ति के स्रोत और स्वामित्व को लेकर जांच आगे बढ़ाई गई।
CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अतिरिक्त संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका रही।
जीवनलाल लाविडिया के खिलाफ इससे पहले भी CBI की कार्रवाई हो चुकी है। मई 2025 में उन्हें कथित ₹70 लाख रिश्वत मामले में गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस मामले में CBI ने कई स्थानों पर तलाशी लेकर दस्तावेज और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड जब्त किए थे।
अब आय से अधिक संपत्ति के नए मामले में 54 लाख रुपये की नकदी, संपत्ति के दस्तावेज और आय-व्यय के आंकड़े जांच के केंद्र में हैं। हालांकि CBI की FIR में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।

Post a Comment