भारतीय घरों में डिशवॉशर की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। GST में कटौती के बाद डिशवॉशर की कीमतों में कमी आई है, जिसका असर बाजार की बिक्री पर भी दिखाई दे रहा है। उपलब्ध उद्योग आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में डिशवॉशर की बिक्री में करीब 49% की वृद्धि दर्ज की गई।
बाजार में बढ़ती मांग की एक वजह भारतीय परिवारों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किए जा रहे नए मॉडल भी हैं। कंपनियां ऐसे डिशवॉशर पेश कर रही हैं जिनमें भारतीय खाना पकाने के बाद बर्तनों पर रह जाने वाले तेल, मसाले और जिद्दी दागों को ध्यान में रखकर वॉश प्रोग्राम दिए जा रहे हैं। बड़े बर्तनों और अलग-अलग तरह के कुकवेयर के लिए भी विकल्प बढ़े हैं।
अब तक डिशवॉशर की बिक्री मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित रही है, लेकिन छोटे शहरों में भी इसकी मांग बढ़ रही है। ऑनलाइन बिक्री और आसान फाइनेंस विकल्पों ने भी महंगे घरेलू उपकरणों की पहुंच बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
हालांकि भारत में डिशवॉशर अभी भी हर घर का सामान्य घरेलू उपकरण नहीं बना है। इसकी कीमत, रसोई में पर्याप्त जगह और भारतीय घरों में बर्तन धोने के पारंपरिक तरीके इसके विस्तार की बड़ी चुनौतियां हैं।
GST में बदलाव और कीमतों में कमी से आने वाले समय में बाजार का दायरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सस्ती कीमत और भारतीय जरूरतों के अनुरूप फीचर्स डिशवॉशर को ज्यादा घरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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