अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति ने उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद तीन नामों का पैनल तैयार कर लिया है। यह पैनल मंगलवार, 1 सितंबर को ट्रस्ट को सौंपा जाएगा। इसके बाद बुधवार, 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में इनमें से एक नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिले थे। अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया गया, जिनमें पूर्व आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के अलावा सेना से जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल थे। चर्चा में रहे नामों में पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय और पूर्व आईएएस योगेश्वर राम मिश्र शामिल हैं, हालांकि अंतिम पैनल में कौन-कौन है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हावड़े शामिल हैं। समिति ने प्रशासनिक क्षमता, प्रबंधन अनुभव और मंदिर जैसी विशाल धार्मिक व्यवस्था को संभालने की योग्यता को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का आकलन किया है।
नए CEO के जिम्मे मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु प्रबंधन, सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां होंगी। ट्रस्ट बुधवार की बैठक में CEO की भूमिका, अधिकार और जिम्मेदारियों का ढांचा भी तय कर सकता है।
यानी आज तीन नाम ट्रस्ट के सामने होंगे और कल अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले स्थायी CEO के नाम पर फैसला होने की पूरी संभावना है।

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