मुंबई। दिशा सालियान की मौत का मामला छह साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने सितंबर 2026 में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नारकोटिक्स विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को लेकर “करोड़ों की सौदेबाजी” और आरोपी को बचाने जैसे गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड से नहीं होती।
CBI की FIR में आपराधिक साजिश, हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, सबूत नष्ट करने और आरोपियों को बचाने के लिए गलत सूचना देने जैसी धाराओं का उल्लेख है। FIR दिशा के पिता सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। इसमें कई लोगों के नाम और भूमिकाओं की जांच की बात सामने आई है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FIR में दर्ज आरोपों को अभी अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट किया था कि FIR दर्ज करने का निर्देश किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का निष्कर्ष नहीं है। जांच अधिकारी को उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे कार्रवाई करनी होगी।
दिशा सालियान की मौत और सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक बहस होती रही है। अब CBI जांच में पुराने रिकॉर्ड, CCTV, मेडिकल और फोरेंसिक दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्यों की नए सिरे से पड़ताल होनी है। ऐसे में वायरल दावों से ज्यादा अहम यह रहेगा कि जांच एजेंसी की जांच में वास्तव में क्या तथ्य सामने आते हैं।

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