कई लोग नौकरी और व्यस्त दिनचर्या के कारण सोमवार से शुक्रवार तक एक्सरसाइज नहीं कर पाते और शनिवार-रविवार को लंबा वर्कआउट करके पूरे सप्ताह की कमी पूरी करने की कोशिश करते हैं। सवाल यह है कि क्या ऐसा करने से दिल को उतना ही फायदा मिलता है?
वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि सप्ताह में सिर्फ एक-दो दिन की गई शारीरिक गतिविधि भी बेकार नहीं है। JAMA में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अपनी साप्ताहिक शारीरिक गतिविधि का अधिकांश हिस्सा 1-2 दिनों में करते थे, उनमें हृदय संबंधी जोखिम में कमी का संबंध उन लोगों के समान पाया गया जो गतिविधि को पूरे सप्ताह में बांटकर करते थे।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि पूरे सप्ताह बैठे रहना और सप्ताहांत में अचानक बहुत भारी एक्सरसाइज करना आदर्श तरीका है। WHO के अनुसार 18-64 वर्ष के वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150-300 मिनट मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि या 75-150 मिनट तेज गतिविधि करनी चाहिए। साथ ही प्रमुख मांसपेशी समूहों के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कम से कम 2 दिन करनी चाहिए।
इसलिए समय कम हो तो सप्ताहांत में वर्कआउट करना भी उपयोगी है, लेकिन संभव हो तो चलना, सीढ़ियां चढ़ना, साइकिल चलाना या हल्की एक्सरसाइज सप्ताह के बाकी दिनों में भी शामिल करें। लंबे अंतराल के बाद अचानक बहुत अधिक और बहुत तेज व्यायाम करने के बजाय धीरे-धीरे अवधि और तीव्रता बढ़ाना बेहतर है।
अगर लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है या हृदय संबंधी बीमारी/लक्षण हैं, तो नया या बहुत तीव्र वर्कआउट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

Post a Comment