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हर लिपस्टिक जहरीली नहीं… लेकिन होंठों पर लगने वाली हर चीज आंख मूंदकर सुरक्षित भी नहीं!

 

इंदौर। लिपस्टिक को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों दावा किया जा रहा है कि इसमें मौजूद लेड और दूसरे रसायन कैंसर तक का कारण बन सकते हैं। लेकिन उपलब्ध वैज्ञानिक और नियामकीय आंकड़े तस्वीर को इससे कहीं अधिक जटिल बताते हैं। हर लिपस्टिक को जहरीला कहना सही नहीं है, हालांकि घटिया गुणवत्ता, गलत तरीके से बने या नियमों का पालन नहीं करने वाले कॉस्मेटिक्स में अवांछित पदार्थों का जोखिम पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता।



अमेरिकी FDA ने सैकड़ों कॉस्मेटिक लिप प्रोडक्ट्स की जांच में लेड की मात्रा detection limit से लेकर करीब 7 ppm तक पाई। FDA के अनुसार उसके बाजार सर्वे में 99% से अधिक कॉस्मेटिक लिप प्रोडक्ट्स और बाहरी उपयोग वाले कॉस्मेटिक्स में लेड 10 ppm से कम था। एजेंसी ने कॉस्मेटिक लिप प्रोडक्ट्स में लेड की अशुद्धता के लिए 10 ppm का अधिकतम अनुशंसित स्तर रखा है। 


महत्वपूर्ण बात यह है कि लेड की मौजूदगी और कैंसर होने के बीच सीधा संबंध बताना अलग बात है। FDA के उपलब्ध आकलन में 10 ppm तक लेड वाले कॉस्मेटिक लिप प्रोडक्ट्स से होने वाले अनुमानित संपर्क को स्वास्थ्य जोखिम पैदा करने वाला नहीं माना गया। 


लिपस्टिक में रंग देने वाले कलर एडिटिव्स भी महत्वपूर्ण हैं। FDA के अनुसार कॉस्मेटिक्स में इस्तेमाल होने वाले कलर एडिटिव्स को निर्धारित उपयोग के लिए मंजूरी और कुछ मामलों में बैच सर्टिफिकेशन की जरूरत होती है। 


इसलिए असली सवाल “क्या हर लिपस्टिक जहरीली है?” नहीं, बल्कि यह है कि उत्पाद किस गुणवत्ता का है, उसमें कौन-कौन से ingredients हैं और वह निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करता है या नहीं।


खरीदते समय: ingredients list देखें, अज्ञात/बिना लेबल वाले उत्पादों से बचें, अत्यधिक सस्ते नकली कॉस्मेटिक्स से सावधान रहें और जलन, सूजन या एलर्जी होने पर इस्तेमाल बंद करें।

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