कटे हुए आलू कुछ देर खुला छोड़ने पर भूरे या काले पड़ने लगते हैं। इसकी वजह ऑक्सीडेशन है। आलू काटने के बाद उसका अंदरूनी हिस्सा हवा के संपर्क में आता है और उसमें मौजूद कुछ एंजाइम ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। इसी रासायनिक प्रक्रिया के कारण आलू का रंग बदलने लगता है। हालांकि आमतौर पर यह बदलाव आलू को तुरंत खराब या जहरीला नहीं बनाता।
आलू को सफेद बनाए रखने का सबसे आसान तरीका है कि काटने के तुरंत बाद उन्हें ठंडे पानी में पूरी तरह डुबोकर रखें। पानी आलू को हवा के सीधे संपर्क से बचाता है। अगर कुछ घंटों तक रखना हो तो पानी बदलकर फ्रिज में भी रखा जा सकता है।
दूसरा तरीका है फ्रिज में एयरटाइट कंटेनर में रखना। ठंडा तापमान ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को धीमा करता है। आलू को कंटेनर में रखने से पहले उनमें पर्याप्त पानी होना चाहिए, ताकि कटे हुए हिस्से हवा के संपर्क में न आएं।
थोड़ा नींबू का रस या सिरका पानी में मिलाने से भी ऑक्सीडेशन धीमा हो सकता है, क्योंकि अम्लीय वातावरण एंजाइम की गतिविधि को कम करता है। हालांकि ज्यादा मात्रा स्वाद बदल सकती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि आलू को लंबे समय तक पानी में रखकर भूलें नहीं। इस्तेमाल से पहले उन्हें अच्छी तरह छानकर और सुखाकर पकाएं।

Post a Comment