नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्वास्थ्य और मानसिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि स्कूलों में मेडिकल रूम के साथ विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
सरकार की योजना मौजूदा स्कूल भवन और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए कम लागत में प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने की है। मेडिकल रूम में विद्यार्थियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा, ताकि छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उन्हें स्कूल से बाहर जाने की जरूरत न पड़े।
इस पहल में छात्राओं की विशेष जरूरतों को भी शामिल किया गया है। दिल्ली के स्कूलों में मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता और स्वच्छता के लिए अलग व्यवस्था विकसित करने की बात सामने आई है। इसमें मेनस्ट्रुएशन कॉर्नर और सैनिटरी पैड से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल हैं।
काउंसलिंग की सुविधा को भी अहम माना जा रहा है। पढ़ाई का दबाव, परीक्षा की चिंता, व्यवहार संबंधी समस्याएं और किशोरावस्था से जुड़े मानसिक तनाव जैसी स्थितियों में विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मदद मिल सकेगी।
सरकार का दावा है कि स्कूलों में स्वास्थ्य और मानसिक परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध होने से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके समग्र विकास पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
हालांकि, इस योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि मेडिकल रूम और काउंसलिंग व्यवस्था कागजों से निकलकर स्कूलों में कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से लागू होती है।

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