बीजिंग। चीन में विदेश यात्रा और देश से बाहर जाने को लेकर नया नियम लागू हो गया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील तकनीक की सुरक्षा का हवाला देते हुए कुछ नागरिकों के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था को और मजबूत किया है। नए प्रावधानों को लेकर ताइवान में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसका असर ताइवान से जुड़े लोगों और चीन में काम करने वाले संवेदनशील क्षेत्रों के विशेषज्ञों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नए नियमों के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीक और संवेदनशील सूचनाओं से जुड़े मामलों में अधिकारियों को विदेश जाने पर रोक लगाने की व्यापक शक्ति मिल सकती है। खासतौर पर ऐसे लोगों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ सकती है, जिनके पास रणनीतिक या तकनीकी जानकारी तक पहुंच है।
चीन पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत कुछ लोगों के विदेश जाने पर प्रतिबंध लगाता रहा है। लेकिन नए प्रावधानों ने इस व्यवस्था को लेकर मानवाधिकार और कानूनी पारदर्शिता से जुड़े सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। आलोचकों की चिंता है कि सुरक्षा की व्यापक परिभाषा का इस्तेमाल सामान्य नागरिकों या कारोबारियों के खिलाफ भी किया जा सकता है।
ताइवान के लिए मामला इसलिए संवेदनशील है क्योंकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान की सरकार इसे स्वीकार नहीं करती। दोनों पक्षों के बीच पहले से ही सैन्य और राजनीतिक तनाव बना हुआ है। ऐसे में चीन द्वारा विदेश यात्रा पर नियंत्रण बढ़ाने को ताइवान में संभावित दबाव के एक और संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए कानून का इस्तेमाल केवल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वास्तविक मामलों तक सीमित रहता है या इसकी पहुंच और व्यापक होती है।

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