सुबह के नाश्ते में भीगे हुए काले चने शामिल करना कई लोगों के लिए पौष्टिक विकल्प हो सकता है। काले चने में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाना पाचन को आसान बनाने में भी मदद कर सकता है।
डायटीशियन के मुताबिक, नियमित रूप से सीमित मात्रा में काले चने खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। इसकी वजह इनमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर है। यही कारण है कि जो लोग वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए यह संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है।
काले चने में मौजूद फाइबर पाचन और आंतों की नियमित गतिविधि के लिए उपयोगी है। वहीं प्रोटीन शरीर के सामान्य रखरखाव और मांसपेशियों के लिए जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। इनमें मौजूद आयरन भी शरीर के लिए महत्वपूर्ण है, हालांकि केवल चने को आयरन की कमी का इलाज नहीं माना जा सकता।
लेकिन रोजाना बहुत ज्यादा मात्रा में चने खाना जरूरी नहीं है। अधिक सेवन से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना या भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए शुरुआत कम मात्रा से करना बेहतर है। चने अच्छी तरह भिगोकर खाने चाहिए और अगर पाचन संबंधी परेशानी होती है तो मात्रा कम की जा सकती है।
डायटीशियन की सलाह के अनुसार, केवल काले चने को सुपरफूड मानने के बजाय उन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। अलग-अलग खाद्य पदार्थों से प्रोटीन, विटामिन और खनिज प्राप्त करना शरीर के लिए अधिक फायदेमंद रहता है।

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