सुबह उठते ही सिरदर्द, भारीपन या दिन की शुरुआत में ध्यान लगाने में परेशानी को कई लोग सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो नींद की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। देर रात तक मोबाइल चलाना, रोज अलग-अलग समय पर सोना-जागना, पर्याप्त नींद न लेना और सोने से पहले कैफीन लेना जैसी आदतें नींद के चक्र को प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल बिस्तर पर कई घंटे बिताना पर्याप्त नहीं है; लगातार और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद भी जरूरी है। खर्राटे, रात में बार-बार नींद टूटना या सुबह उठकर भी तरोताजा महसूस न होना भी नींद से जुड़ी समस्या के संकेत हो सकते हैं।
बेहतर नींद के लिए रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। सोने से पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। शाम के बाद चाय-कॉफी का सेवन सीमित रखें और कमरे को शांत, अंधेरा तथा आरामदायक रखें। दिन में नियमित शारीरिक गतिविधि भी नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकती है।
अगर सुबह का सिरदर्द लगातार बना रहता है, बहुत तेज होता है, या इसके साथ उल्टी, नजर धुंधली होना, कमजोरी, भ्रम या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सिरदर्द का कारण केवल नींद की खराब आदत मानकर खुद इलाज करना उचित नहीं है।

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