जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में पूर्व प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि बिना गिरफ्तारी वारंट के अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं होंगे और पूर्व में दिए गए आदेश का पालन भी नहीं होगा। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
मामला जबलपुर के सेवानिवृत्त असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड ऑफिसर केके गर्ग की अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिका के अनुसार उनके वेतन से काटी गई राशि वापस करने के संबंध में हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2025 को आदेश दिया था। विभाग को निर्धारित अवधि में राशि लौटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केवीएस सुनील राव ने अदालत को आदेश के अनुपालन की स्थिति बताई। रिपोर्ट के मुताबिक संबंधित अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुए और अनुपालन की स्थिति भी प्रस्तुत नहीं की गई। इसी पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया।
उमराव 1996 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं और 2026 में उनके सेवानिवृत्त होने की जानकारी भी सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज है।
अब 5 अक्टूबर की सुनवाई में उमराव की उपस्थिति और हाईकोर्ट के पुराने आदेश के अनुपालन की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

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