बालों की देखभाल में इन दिनों महंगे प्रोडक्ट्स के साथ-साथ घरेलू और हर्बल उपायों का चलन भी तेजी से बढ़ा है। करी पत्ता और रोजमेरी इसी वजह से चर्चा में हैं। दोनों को बालों और स्कैल्प के लिए उपयोगी माना जाता है, लेकिन दोनों का इस्तेमाल एक ही समस्या के लिए करना जरूरी नहीं है।
करी पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। पारंपरिक तौर पर इसका इस्तेमाल बालों की जड़ों को पोषण देने और बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है। इसे तेल में मिलाकर स्कैल्प पर लगाने का चलन भी है। हालांकि, बाल झड़ने या नए बाल उगाने पर इसके प्रभाव को लेकर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।
दूसरी ओर रोजमेरी पर बालों के झड़ने को लेकर कुछ वैज्ञानिक अध्ययन हुए हैं। रोजमेरी ऑयल को स्कैल्प में लगाने से बालों के विकास में संभावित लाभ की चर्चा मिलती है, लेकिन इसके प्रमाण अभी इतने मजबूत नहीं हैं कि इसे हर व्यक्ति के लिए इलाज माना जाए।
एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि प्राकृतिक होने का मतलब पूरी तरह जोखिम-मुक्त होना नहीं है। रोजमेरी एसेंशियल ऑयल को सीधे स्कैल्प पर लगाने के बजाय किसी कैरियर ऑयल में मिलाना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है।
इसलिए चुनाव समस्या के आधार पर करें—करी पत्ता पारंपरिक पोषण के लिए, जबकि रोजमेरी के पीछे कुछ शुरुआती वैज्ञानिक शोध मौजूद हैं। लगातार या तेजी से बाल झड़ रहे हों तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।

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