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लौकी नहीं, कच्चे केले के कोफ्तों का स्वाद चखिए, राजस्थान की पारंपरिक रेसिपी करेगी सबको खुश

 

लौकी के कोफ्ते भारतीय रसोई में आम हैं, लेकिन अगर रोज-रोज एक ही स्वाद से मन भर गया है तो इस बार कच्चे केले के कोफ्ते आजमाए जा सकते हैं। राजस्थान की पारंपरिक रसोई में बनने वाली यह डिश स्वाद और बनावट के कारण खास मानी जाती है। मसालों से तैयार मुलायम कोफ्ते और गाढ़ी ग्रेवी का मेल खाने की थाली का स्वाद बदल सकता है।



इसे बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे केले उबालकर छील लें और अच्छी तरह मैश कर लें। इसमें बेसन, बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक, धनिया, नमक और पसंद के अनुसार हल्के मसाले मिलाएं। मिश्रण से छोटे-छोटे गोले बनाकर तैयार करें। इन्हें कम या मध्यम आंच पर तलने से कोफ्ते बाहर से सुनहरे और अंदर से नरम बनते हैं।


ग्रेवी के लिए तेल में जीरा और साबुत मसालों का तड़का लगाकर प्याज, अदरक-लहसुन और टमाटर का मसाला पकाएं। हल्दी, धनिया, लाल मिर्च और अन्य मसाले डालकर अच्छी तरह भूनें। जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर ग्रेवी तैयार करें और आखिर में कोफ्ते डालें।


ध्यान रखें कि कोफ्तों को बहुत देर तक ग्रेवी में न पकाएं, वरना वे टूट सकते हैं। रोटी, पराठे या चावल के साथ परोसी जाने वाली यह पारंपरिक डिश घर के बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आ सकती है।

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