नई दिल्ली । भारत के पर्यटन क्षेत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक की शुरुआत की है। सरकार के अनुसार यह एक खुली डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पहल है, जिसका उद्देश्य पर्यटन से जुड़ी सेवाओं और सुविधाओं को पर्यटकों के लिए ज्यादा खोज योग्य, सुलभ और विश्वसनीय बनाना है। यह पहल विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर सामने आई है।
इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए पर्यटन स्थलों, सेवाओं, आवास, टूर ऑपरेटरों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी को एक ज्यादा एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम में लाने की कोशिश की जा रही है। इसका मकसद पर्यटक को यात्रा की योजना बनाने से लेकर गंतव्य पर जरूरी सेवाएं हासिल करने तक बेहतर डिजिटल अनुभव देना है।
सरकार पहले ही इनक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म को एआई आधारित सुविधाओं के साथ मजबूत कर चुकी है। इसमें मौसम की जानकारी, शहर घूमने की जानकारी और यात्रा से जुड़ी सेवाओं को व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार उपलब्ध कराने की सुविधा है। प्लेटफॉर्म पर उड़ान, होटल, कैब, बस और एएसआई स्मारकों के टिकट जैसी सेवाओं के लिए ऑनलाइन ट्रैवल एजेंटों के साथ साझेदारी भी की गई है।
इसके साथ NIDHI+ पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र का एकीकृत डेटाबेस उपलब्ध कराता है। 23 सितंबर 2026 तक इसमें 63,740 आवास इकाइयां और हजारों पर्यटन सेवा प्रदाता पंजीकृत थे।
सरकार का अगला लक्ष्य डिजिटल तकनीक के जरिए पर्यटन को अधिक संगठित, पारदर्शी और पर्यटक-केंद्रित बनाना है।

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