दूध रोजमर्रा के खान-पान का अहम हिस्सा है, लेकिन मिलावट की आशंका इसे सेहत के लिए चिंता का विषय बना सकती है। खासकर डिटर्जेंट जैसी चीजों की मिलावट की स्थिति में दूध का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दूध में डिटर्जेंट की संभावित मिलावट की जांच के लिए आसान घरेलू परीक्षण का तरीका बताया है।
इसके लिए एक साफ पारदर्शी कांच के गिलास में थोड़ा दूध लें। दूध को ध्यान से देखें और फिर उसे हल्के हाथ से घुमाएं। अगर दूध में असामान्य झाग बहुत ज्यादा बनता है और झाग लंबे समय तक बना रहता है, तो यह डिटर्जेंट की मिलावट का संकेत हो सकता है। सामान्य दूध को घुमाने पर भी कुछ झाग बन सकता है, इसलिए केवल झाग देखकर मिलावट की अंतिम पुष्टि नहीं की जा सकती।
FSSAI की घरेलू जांच का उद्देश्य लोगों को मिलावट के संभावित संकेतों के प्रति जागरूक करना है। किसी दूध के मिलावटी होने की पक्की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला परीक्षण जरूरी है। इसलिए केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर दूध को मिलावटी घोषित करना उचित नहीं होगा।
अगर दूध के स्वाद, गंध या बनावट में भी असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है, तो उसका सेवन रोककर नमूने की जांच अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में कराई जा सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए दूध की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है।

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