बिश्केक। शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मंगलवार को संक्षिप्त मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और हाथ मिलाया। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और चीन के संबंधों में पिछले कुछ समय से सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
एससीओ सम्मेलन में मोदी और जिनपिंग के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद हैं। समूह तस्वीर के लिए नेताओं के एकत्र होने के दौरान मोदी और जिनपिंग के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई। इस दौरान दोनों नेताओं का हाथ मिलाना कैमरों में कैद हुआ और यह तस्वीर कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई।
भारत-चीन संबंधों में सीमा विवाद सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल है। ऐसे में दोनों नेताओं की सार्वजनिक मुलाकात को केवल औपचारिक अभिवादन से आगे भी देखा जा रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने और द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
एससीओ के बाद भारत में होने वाले आगामी ब्रिक्स सम्मेलन को भी दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। ऐसे में बिश्केक में मोदी-जिनपिंग की यह मुलाकात आगे की कूटनीतिक बातचीत की जमीन तैयार कर सकती है।
फिलहाल मुलाकात छोटी रही, लेकिन मोदी और जिनपिंग का हाथ मिलाना इस बात का संकेत जरूर है कि भारत-चीन रिश्तों में संवाद का रास्ता खुला हुआ है।

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