भोपाल/सीहोर। किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ही मंत्रालय के अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की है। सीहोर जिले में निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आने के बाद कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया कि अधिकारी ने शिवाय वेयरहाउस से 1 लाख रुपये और श्री कृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपये की मांग की थी। वेयरहाउस संचालकों की शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंची, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कृषि मंत्रालय में किसानों और हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले मंत्रालय ने शिकायतों की नियमित समीक्षा और किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश भी दिए थे।
अब सवाल सिर्फ निलंबन तक सीमित नहीं है। क्या शिकायतों की स्वतंत्र जांच होगी? रिश्वत की कथित मांग किस प्रक्रिया के दौरान हुई और क्या इसमें कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल मंत्रालय की कार्रवाई ने इतना स्पष्ट संकेत जरूर दिया है कि सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

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