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रोटी या चावल… फैटी लिवर वालों के लिए क्या बेहतर? प्लेट में क्या रखें, एक्सपर्ट से समझें

इंदौर। फैटी लिवर का नाम सामने आते ही खान-पान को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगते हैं। इनमें एक आम सवाल यह भी है कि ऐसी स्थिति में रोटी खाना बेहतर है या चावल? अक्सर लोग चावल को पूरी तरह छोड़ देते हैं, जबकि विशेषज्ञों के मुताबिक सिर्फ एक खाद्य पदार्थ को जिम्मेदार मानने के बजाय पूरी डाइट और उसकी मात्रा पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।



फैटी लिवर में आमतौर पर बहुत अधिक तेल, तला हुआ भोजन, ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में रोटी और चावल दोनों लिए जा सकते हैं, लेकिन मात्रा और उनके प्रकार का महत्व रहता है। गेहूं की साबुत आटे की रोटी में फाइबर अधिक हो सकता है, जबकि चावल में विकल्प के अनुसार पोषण अलग-अलग होता है। सफेद चावल की तुलना में कम प्रोसेस्ड या साबुत अनाज वाले विकल्प कई लोगों के लिए बेहतर हो सकते हैं।


डाइट में सब्जियां, दालें, सलाद, फल, पर्याप्त प्रोटीन और सीमित मात्रा में स्वस्थ वसा को शामिल करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। साथ ही खाने की कुल कैलोरी और वजन को नियंत्रित रखना फैटी लिवर मैनेजमेंट का अहम हिस्सा है।


इसलिए सवाल सिर्फ ‘रोटी या चावल?’ का नहीं है, बल्कि यह है कि प्लेट में कितना और किस तरह का भोजन लिया जा रहा है। फैटी लिवर की स्थिति, वजन, डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार डाइट अलग हो सकती है। इसलिए व्यक्तिगत डाइट के लिए डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।

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