नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट | प्रणव बजाज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन और सार्वजनिक योगदान पर एक लेख लिखा है। लेख में मोदी ने सिंघल के व्यक्तित्व को दृढ़ संकल्प, सादगी और संगठन के प्रति समर्पण के मेल के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, अशोक सिंघल का जीवन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से अधिक एक बड़े उद्देश्य के लिए समर्पित रहने का उदाहरण था। उन्होंने लिखा कि सिंघल ने अपने विचारों और लक्ष्य के प्रति लंबे समय तक निरंतर काम किया तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपने रुख से पीछे नहीं हटे।
सिंघल का नाम अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन से विशेष रूप से जुड़ा रहा। विश्व हिंदू परिषद में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और आंदोलन के दौरान वे संगठन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे। उनके सार्वजनिक जीवन का बड़ा हिस्सा हिंदू धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों को संगठित रूप से उठाने में बीता।
मोदी ने लेख में उनके जीवन की सादगी को भी रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहने के बावजूद सिंघल का निजी जीवन अपेक्षाकृत सादा रहा और उनका ध्यान संगठनात्मक कार्य तथा वैचारिक प्रतिबद्धताओं पर केंद्रित रहा।
अशोक सिंघल का निधन 17 नवंबर 2015 को हुआ था। प्रधानमंत्री का यह लेख उनके जीवन, विचारों और सार्वजनिक भूमिका को याद करने के साथ-साथ उस दौर के सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में उनकी भूमिका को भी रेखांकित करता है।

Post a Comment