नई दिल्ली । बौद्धिक प्रतिकार
अवैध अफीम की खेती के खिलाफ भारत की कार्रवाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सराहा है। अमेरिका की नई ड्रग रिपोर्ट में भारत को चीन और पाकिस्तान समेत प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों की सूची में रखा गया है, लेकिन इसी दस्तावेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रयासों की सकारात्मक चर्चा भी की गई है।
अमेरिकी आकलन के मुताबिक भारत की भौगोलिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क उसे ड्रग्स की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील बनाते हैं। इसलिए सूची में शामिल होना अपने आप में यह प्रमाण नहीं है कि भारत की सरकार ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विफल रही है। अमेरिकी दस्तावेज में भारत की ओर से अवैध अफीम की खेती रोकने और ड्रग सप्लाई चेन पर शिकंजा कसने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है।
खास बात यह है कि सूची में शामिल होने के बावजूद भारत को उन देशों की श्रेणी में नहीं रखा गया, जिन्हें अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नियंत्रण दायित्वों में स्पष्ट रूप से विफल माना है।
भारत-अमेरिका के बीच ड्रग नियंत्रण को लेकर सहयोग भी बढ़ा है। दोनों देश अवैध ड्रग्स, प्रीकर्सर केमिकल्स और नार्को-टेरर नेटवर्क पर कार्रवाई तथा फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने पर सहयोग कर रहे हैं।
इसलिए ट्रंप का संदेश दोहरा है—भारत ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय रूट के लिहाज से संवेदनशील है, लेकिन मोदी सरकार की कार्रवाई और सहयोग को अमेरिका सकारात्मक रूप से देख रहा है।

Post a Comment