वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है और हालात तेजी से गंभीर होते जा रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। पिछले 12 घंटों में जलस्तर करीब 30 सेंटीमीटर बढ़ा है।
गंगा के उफान से काशी के सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। 84 घाटों का संपर्क प्रभावित होने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में भी पानी पहुंच गया है। सामनेघाट, पुलकोहना और सलारपुर समेत कई इलाकों में करीब 350 परिवारों के 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है।
सबसे मार्मिक स्थिति मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर है। पानी बढ़ने के कारण पारंपरिक शवदाह स्थलों पर जगह नहीं बची, जिसके चलते मणिकर्णिका में छत पर और हरिश्चंद्र घाट क्षेत्र में गलियों में शवदाह किया जा रहा है। गंगा आरती के स्थान भी बदलने पड़े हैं।
गंगा के साथ वरुणा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है और राहत शिविरों में लोगों को पहुंचाया जा रहा है। डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों और राहतकर्मियों की तैनाती की गई है।
**काशी में गंगा का हर बढ़ता सेंटीमीटर अब सिर्फ घाटों ही नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी और रोजी-रोटी की चिंता बढ़ा रहा है।**

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