Top News

दुबई से लौटे मोहन यादव, प्रहलाद पटेल से 5 मिनट की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल; दिल्ली में खंडेलवाल-बीएल संतोष की बैठक से भी चर्चाएं तेज



भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे से भोपाल लौटते ही स्टेट हैंगर पर वरिष्ठ मंत्री प्रहलाद पटेल से उनकी करीब पांच मिनट की मुलाकात ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है। मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर बताया गया कि मनी मोबिलाइजर्स की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा हुई। खुद प्रहलाद पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसी विषय का उल्लेख किया।


हालांकि राजनीतिक जानकार इस संक्षिप्त मुलाकात को केवल विभागीय मुद्दे तक सीमित मानने को तैयार नहीं हैं। चर्चा है कि पटेल मुख्यमंत्री से कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों पर भी बात करना चाहते थे। यही वजह बताई जा रही है कि मुख्यमंत्री के स्टेट हैंगर पहुंचते ही दोनों की मुलाकात हुई। हालांकि इस मुलाकात में किन अन्य विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


दिल्ली में डेढ़ घंटे की मुलाकात, खंडेलवाल से क्या लिया फीडबैक?


इधर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पार्टी संगठन ने खंडेलवाल को दिल्ली बुलाया था और दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई।


सूत्रों के मुताबिक बैठक में मध्य प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज, पार्टी की गतिविधियों और कुछ नेताओं की राजनीतिक सक्रियता को लेकर फीडबैक लिया गया। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर अंतिम चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


डेढ़ घंटे की इस बैठक ने इसलिए भी राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया है क्योंकि प्रदेश भाजपा में संगठन और सरकार के बीच तालमेल तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर लगातार गतिविधियां दिखाई दे रही हैं।


एक और प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी?


मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर भी नई सूची को लेकर अटकलें तेज हैं। 5 सितंबर को आईएएस अधिकारियों की छोटी तबादला सूची जारी होने के बाद से ही चर्चा थी कि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के बाद एक और सूची सामने आ सकती है।


मुख्यमंत्री की वापसी के बाद इन चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। सागर के शराबकांड के बीच वहां आईजी की नियुक्ति किए जाने के बाद अब ग्वालियर में लंबे समय से रिक्त आईजी पद पर भी नियुक्ति की चर्चा है।


प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आगामी फेरबदल छोटा नहीं होगा और इसमें करीब एक दर्जन जिलों के कलेक्टर और एसपी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि नई सूची को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।


तबादले के बाद आदेश जारी करना पड़ा भारी


इसी बीच महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्कालीन आयुक्त आईएएस निधि निवेदिता से जुड़ा मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।


5 सितंबर को उनका तबादला होने के बाद उन्होंने 7 और 8 सितंबर को पदस्थापना से संबंधित आदेश जारी किए। बताया गया कि ऐसे कुल पांच आदेश जारी हुए। इसके बाद राज्य शासन ने 9 सितंबर को इन सभी आदेशों को निरस्त कर दिया।


सामान्य प्रशासनिक परंपरा में तबादले के बाद पुराने पद से जुड़े महत्वपूर्ण आदेश जारी करने को लेकर सवाल उठते हैं। यही वजह है कि इस घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक महकमे में चर्चा है कि आखिर तबादले के बाद आदेश जारी करने की स्थिति क्यों बनी और शासन को उन्हें निरस्त करने की जरूरत क्यों पड़ी।


सरकार और संगठन—दोनों मोर्चों पर हलचल


एक तरफ मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा के बाद वरिष्ठ मंत्री से अचानक मुलाकात, दूसरी तरफ दिल्ली में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के साथ लंबी बैठक और तीसरी तरफ संभावित प्रशासनिक फेरबदल—इन तीनों घटनाक्रमों ने मध्य प्रदेश की सत्ता और संगठन के गलियारों में अटकलों को तेज कर दिया है।


फिलहाल इनमें से किसी घटनाक्रम को किसी बड़े राजनीतिक फैसले से जोड़ना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर है कि मोहन यादव सरकार में सत्ता, संगठन और प्रशासन—तीनों स्तरों पर गतिविधियां बढ़ी हुई दिखाई दे रही हैं।


अब नजर अगली भाजपा संगठनात्मक गतिविधि और संभावित प्रशासनिक तबादला सूची पर है। वही तय करेगी कि मौजूदा चर्चाएं महज सियासी अटकलें हैं या सरकार और संगठन किसी बड़े बदलाव की तैयारी में हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post