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नई दिल्ली। प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़े ‘वॉयस ऑफ हिंद’ मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने चार दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला उस मामले में आया है, जिसमें आरोपियों पर आतंकी संगठन से जुड़ी सामग्री के प्रचार-प्रसार और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे
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NIA के अनुसार, जांच में सामने आया था कि आरोपी ISIS की विचारधारा और प्रचार सामग्री को डिजिटल माध्यमों के जरिए फैलाने, युवाओं के कट्टरपंथीकरण तथा संगठन में भर्ती के प्रयासों से जुड़े थे। एजेंसी का आरोप था कि इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रतिबंधित संगठन के नेटवर्क और उसकी विचारधारा को आगे बढ़ाना था।
‘वॉयस ऑफ हिंद’ नाम से प्रकाशित सामग्री का इस्तेमाल कथित तौर पर ISIS की विचारधारा को भारत और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए किया जाता था। जांच एजेंसी ने मामले में डिजिटल सामग्री, ऑनलाइन गतिविधियों और आरोपियों के बीच संपर्क को जांच का हिस्सा बनाया था।
अदालत के फैसले के बाद NIA ने कहा कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के ऑनलाइन प्रचार नेटवर्क और युवाओं के कट्टरपंथीकरण के खिलाफ जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकी संगठनों की गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री के प्रसार पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फैसले में चारों दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि आतंकी संगठनों की गतिविधियां केवल जमीन पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रचार सामग्री के जरिए भी संचालित की जा सकती हैं।

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