भारत की रणनीतिक ताकत को नई धार देने वाले एक और मिसाइल परीक्षण की तैयारी ने रक्षा क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। 2 और 3 सितंबर के लिए जारी उड़ान-सुरक्षा सूचना के बाद विशेषज्ञों की नजर अग्नि श्रृंखला की अगली पीढ़ी की तकनीक पर टिक गई है। हालांकि रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ ने अभी परीक्षण वाली मिसाइल का आधिकारिक नाम नहीं बताया है।
संभावना जताई जा रही है कि परीक्षण अग्नि श्रृंखला की किसी मौजूदा या उन्नत प्रणाली से जुड़ा हो सकता है। अग्नि-3 और अग्नि-4 जैसी प्रणालियां इस दायरे के परीक्षण से जुड़ सकती हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे भविष्य की अग्नि-6 परियोजना से जोड़कर भी देख रहे हैं। लेकिन यह अभी केवल अनुमान है, आधिकारिक पुष्टि नहीं।
खास बात यह है कि मई 2026 में भारत ने ‘एडवांस्ड अग्नि’ का बहु-स्वतंत्र लक्ष्य भेदी पुनःप्रवेश वाहन प्रणाली से परीक्षण किया था। इस परीक्षण में एक ही मिसाइल से अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता प्रदर्शित की गई थी।
इसके बाद अगस्त में अग्नि-4 का सफल परीक्षण भी हुआ, जिसमें इसके संचालन और तकनीकी मानकों को परखा गया।
इसलिए सितंबर का प्रस्तावित परीक्षण केवल एक और मिसाइल प्रक्षेपण नहीं माना जा रहा। अगर इसमें नई प्रणोदन, मार्गदर्शन, पुनःप्रवेश या बहु-लक्ष्य तकनीक का परीक्षण होता है, तो यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता के अगले चरण का संकेत हो सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—**2,995 किलोमीटर का यह गलियारा आखिर किस अग्नि की अगली उड़ान का गवाह बनेगा?**

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