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दो साल से स्कूल भवन बंद, मंदिर के बरामदे में पढ़ रहे 22 बच्चे; MP में शिक्षा व्यवस्था की खुली तस्वीर



धार । मध्य प्रदेश के धार जिले के निसरपुर ब्लॉक में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राथमिक विद्यालय टाणा का भवन करीब दो साल से जर्जर हालत के कारण बंद बताया जा रहा है। इसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले 22 बच्चों की कक्षाएं मंदिर के महज 8×8 फीट के बरामदे में संचालित होने की बात सामने आई है।


बताया गया है कि पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को बेहद सीमित जगह में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। वायरल वीडियो में बच्चों के मंदिर परिसर में पढ़ने की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया है। आरोप यह भी है कि स्कूल में कभी-कभी शौचालय जैसी जगह पर भी कक्षा लगाने की नौबत आती है।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि स्कूल भवन दो साल से जर्जर है तो इतने लंबे समय में बच्चों के लिए स्थायी वैकल्पिक भवन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? शिक्षा विभाग के अधिकारी इस स्थिति से कब से अवगत थे और भवन की मरम्मत या नए भवन के लिए क्या कार्रवाई की गई?


सरकार सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के दावे करती है, लेकिन टाणा की तस्वीर उन दावों की जमीन पर पड़ताल करती नजर आती है। 22 बच्चों की पढ़ाई यदि दो साल से मंदिर के छोटे से बरामदे पर निर्भर है, तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है?


अब जरूरत केवल वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देने की नहीं, बल्कि स्कूल भवन की वास्तविक स्थिति, मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि और अब तक की विभागीय कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की है।

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